यशपाल शर्मा, लुधियाना
जहां आम आदमी पार्टी सरकार की ओर से लगातार इलीगल कालोनियों पर शिकंजा कसा हुआ है, वहीं दूसरी ओर नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच में तैनात एटीपी और बिल्डिंग इंस्पेक्टर स्तर के अफसर सरकार की इस प्लानिंग पर सेंधमारी करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे। ऐसा ही एक मामला नगर निगम ए जोन के ब्लॉक 25 में आते खड्डा वाला सरकारी स्कूल के नजदीक करीब 5.5 एकड़ जमीन में इलीगल कॉलोनी का निर्माण में साफ दिखाई दे रहा है। इस इल्लीगल कॉलोनी के लिए ना तो नगर निगम से कोई ले आउट प्लान मंजूर करवाया गया है और ना ही निगम के खजाने में कोई पैसा जमा करवाया गया है। बताया जाता है कि इस पूरे इल्लीगल कॉलोनी निर्माण में नगर निगम ए जोन में तैनात एटीपी का चार्ज देख रहे गुरविंदर सिंह लक्की की बड़ी मिलीभगत है, जिसके आशीर्वाद से इस कॉलोनी में सीवर लाइन डालने और बिजली के खंभे खड़े करने का काम जोरों पर जारी है।
हैरानी की बात यह भी है कि पंजाब के लोकल बॉडी मंत्री का चार्ज लुधियाना से ही विधायक बनकर मंत्री बने संजीव अरोड़ा के पास है, लेकिन इसके बावजूद नगर निगम के मुलाजिम इसकी परवाह किए बिना ऐसी इलीगल कॉलोनी बनवा अपनी नौकरी तक दांव पर लगा रहे हैं। बतौर बिल्डिंग इंस्पेक्टर एटीपी का अतिरिक्त चार्ज देख रहे लक्की ने ब्लॉक 25 के तहत आते कारबारा इलाके में छोटे-छोटे चंक में इलीगल प्लाटिंग करने और दुकानें काटने का बड़ा नाजायज अभियान छेड़ रखा है।
ऐसे ही सलेम टाबरी थाने के पास बने शराब ठेके से सब्जी मंडी होते हुए जालंधर बायपास को जाती सड़क पर भी धड़ल्ले से स्कीम एरिया में छोटे-छोटे चंक में प्लाटिंग और मेन सड़क पर दुकाने बनवाई जा रही है।
इलीगल कॉलोनी में 100 दुकानें और 30 इंडस्ट्रियल प्लॉट के जरिए कर डाली 100 फीसदी कवरेज
आपको बता दें कि ब्लॉक 25 में जो यह इलीगल कॉलोनी बनाई जा रही है इसका नक्शा तक मार्केट में दुकानों व इंडस्ट्रियल प्लाट की सेल को बाहर आ चुका है। जिसमें 100 के करीब दुकान रखी गई है और वही 30 से अधिक इंडस्ट्रियल प्लॉट इस कॉलोनी में काटे जा रहे हैं आपको बता दें कि इस कॉलोनी से कुछ ही दूरी में कुछ ही मीटर की दूरी पर बुड्ढा दरिया भी है। यह जमीन घोड़ी बाबा की बैक साइड पर और खड्डा वाले सरकारी स्कूल के साथ लगती है। यहां पर पब्लिक स्ट्रीट तक घोषित नहीं की गई है। ऐसे में नगर निगम बिल्डिंग ब्रांच के साथ सेटिंग करके कॉलोनी की चारदीवारी करवा इसमें सीवरेज और स्ट्रीट लाइट डालने का काम जोरों पर है। बताया जाता है कि इस कॉलोनी के निर्माण में भले ही नगर निगम के खाते में अभी तक कोई राशि ना आने की बात की जा रही है लेकिन वहीं उक्त एटीपी की ओर से लाखों रुपए के लेनदेन की बातें भी खूब चर्चा में है। नियमों के तहत जिस लेआउट प्लान से यह कालोनी काटी गई है, उसे नगर निगम से मंजूरी मिलना असंभव बताया जा रहा है। इसका बड़ा कारण है कि यह जगह इंडस्ट्रियल मिक्स जोन की बताई जा रही है और नियमों के तहत अगर इस कॉलोनी को पास करवाना है तो यहां पर कमर्शियल दुकानों की प्लॉटिंग नहीं की जा सकती । बिल्डिंग बायलॉज के मुताबिक कमर्शियल लेआउट प्लान में केवल 45% कवरेज कॉलोनाइजर को मिलती है और वही इंडस्ट्रियल कॉलोनी के लेआउट प्लान में 65% कवरेज ही मिल सकती है, लेकिन इस इलीगल कॉलोनी के निर्माण में कमर्शियल व इंडस्ट्रियल मिक्स प्लाटिंग कर 100 फीसदी कवरेज कॉलोनी में कर डाली गई है।
जमीन भी विवादों में, मशरका खाता के साथ-साथ शामलाट देह चर्चा में
आपको बता दे जिस 5.5 एकड़ जमीन पर यह कॉलोनी बनाई जा रही है, उस जमीन का मामला भी विवादों में बताया जाता है। बताया जाता है कि इस इलीगल कॉलोनी की जमीन जहां मसरका खाते में है, वही इस जमीन का कुछ हिस्से में शामलाट देह की जमीन भी बताई जा रही है। इतना ही नहीं इस जमीन पर बुड्ढा नाला की लाल बुर्जी की निशानदेही भी बीच में आती है। बताया जाता है कि इसी विवादों के चलते पहले खरीदार ने यह सौदा बीच में ही कैंसिल कर दिया था और अब नए खरीददार की ओर से बिल्डिंग अफसर से सेटिंग कर पूरी स्पीड में मौके पर काम चलाया जा रहा है।
स्कीम एरिया में भी बनवा डाली दुकानें
बिल्डिंग इंस्पेक्टर से एकाएक एटीपी का चार्ज मिलने के बाद गुरविंदर सिंह लक्की की ओर से इलीगल निर्माण की जोन ए में अंधेरी ला दी गई है। इसका अंदाजा आप इस बात से भी लगा सकते हो कि सलेम टाबरी थाने के साथ लगते शराब ठेके के पास से जालंधर बायपास को जाती l सड़क का बड़ा हिस्सा टीपी स्कीम एरिया में आता है और इसके बावजूद उक्त सड़क के आसपास इलीगल दुकानों का निर्माण धड़ल्ले जारी है। इस सड़क के आसपास कई छोटे-छोटे चंक हैं जहां पर भी यह दुकानें बनाई जा रही है।
मेरे पास मंजूरी को नहीं आई कॉलोनी की कोई फाइल- एमटीपी विजय
वहीं इस बारे में जब म्युनिसिपल टाउन प्लानर विजय कुमार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि बतौर नगर निगम लुधियाना में एमटीपी का चार्ज लेने के बाद से उनके पास जोन ए से कॉलोनी की मंजूरी को कोई फाइल नहीं आई और मेरी ज्वाइनिंग से पहले किसी कॉलोनी की फाइल मंजूरी को आई होगी तो वह यह चेक करके ही बता सकते हैं।
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Yashpal Sharma (Editor)