चंडीगढ़। 2027 में होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी के भीतर मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ जहां भाजपा-अकाली दल गठबंधन की वकालत कर रहे हैं, वहीं पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा इससे असहमत नजर आ रहे हैं। अश्वनी शर्मा ने साफ कहा कि पार्टी 117 में से 117 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। उन्होंने याद दिलाया कि 2022 का विधानसभा चुनाव और हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में भी बीजेपी ने सभी सीटों पर अकेले ही मैदान में उतरकर लड़ाई लड़ी थी। शर्मा ने दावा किया कि पार्टी कार्यकर्ता पूरे जोश से राज्य में कमल खिलाने में जुटे हैं। अश्वनी शर्मा ने बठिंडा में पार्टी के सीनियर नेता मनप्रीत सिंह बादल से मुलाकात की। करीब दो घंटे तक मीटिंग चली है। मीटिंग के बाद शर्मा ने वर्करों में भी जोश भरा।
85 और 15 क्या समझौता था
अश्वनी शर्मा बठिंडा दौरे पर थे। उन्होंने बताया कि कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद यह उनका पहला दौरा है। उन्होंने कहा, "हर व्यक्ति अब राज्य की सत्ता से आम आदमी पार्टी से मुक्ति चाहता है।" जब उनसे सुनील जाखड़ और अन्य भाजपा-अकाली नेताओं के बयानों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने जवाब दिया,"बयानों को ध्यान से देखिए। कांग्रेस का काम भी लोगों ने देख लिया है, और अकाली दल को भी परखा है। अब अगर कोई पूछे कि आप भी तो अकाली दल के साथ थे, तो मैं कहना चाहता हूं- हां, हमने समझौता किया था, लेकिन वह 85 और 15 क्या समझौता था, क्योंकि उस समय पंजाब आतंकवाद के दौर से बाहर निकल रहा था।" हमने 2022 में विधानसभा भी 117 सीटों पर लड़ा था, जबकि लोकसभा चुनाव भी सभी 13 सीटों पर लड़ चुके हैं।