लुधियाना। लुधियाना के हल्का सेंट्रल से विधायक अशोक पराशर पप्पी के तथाकथित पीए कहे जाने वाले निखिल सभरवाल ने सामने आकर बड़े खुलासे किए हैं। जहां पहले निखिल सभरवाल पर डीसी रेट पर भर्ती कराने के नाम पर 1.70 लाख की ठगी मारने के आरोप लगे। वहीं विधायक पप्पी ने उक्त युवक निलिख सभरवाल उनका पुराना कर्मी होने का दावा किया। जिसके बाद निखिल सभरवाल ने सामने आकर बड़े खुलासे कर डाले। उसने विधायक, उनके बेटे और नगर निगम के मुलाजिमों में करोड़ों रुपए का लेनदेन करने, रिश्वतें लेने के आरोप लगाए हैं। बकायदा निखिल ने हर व्यक्ति का नाम लेकर खुलासा किया है। उसने इस संबंधी कई दस्तावेज भी दिखाए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक वीडियो में निखिल ने आरोप लगाते हुए कहा कि जब अशोक पराशर पप्पी हल्का सेंट्रल से विधायक बने तब से वह उनका प्राइवेट पीए हैं। निखिल ने आरोप लगाया कि विधायक पप्पी द्वारा डीसी रेट पर भर्ती के लिए एक लाख रुपए फीस रखी थी। जिसके चलते उसने एक लाख रुपए प्रति व्यक्ति लेकर कई भर्तियां करवाई। जिसके चलते निखिल ने भी 100 से ज्यादा लोगों से पैसे लेकर विधायक को दिए। लेकिन उनकी भर्तियां नहीं हुई। जिसके चलते वह लोग विधायक के ऑफिस आने लगे। खुद को फंसते हुए देख विधायक ने उसे नौकरी से निकाल दिया। जिसके बाद सारा आरोप उसके सिर पर लगा दिया। जिसके चलते आज मजबूरन उसे सामने आकर खुलासे करने पड़े।
निगम के इंस्पेक्टर ने 30 लाख रुपए दिए
वहीं निखिल का आरोप है कि निगम के एक बिल्डिंग इंस्पेक्टर की और से 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान उसके खाते में 30 लाख रुपए डाले, जो विधायक को रिश्वत दी गई थी। उक्त पेमेंट को विधायक और उनके बेटे विकास के खातों में ट्रांसफर किया गया था। इसी तरह निगम एक तत्कालीन अधिकारियों से विधायक पप्पी का महीना फिक्स था। वह बाहर लोगों से रिश्वत लेते थे और उसमें से कुछ हिस्सा विधायक को दिया जाता था।
कई करोड़ का हुआ हेरफेर
निखिल का आरोप है कि विधायक पप्पी व उनके बेटे विकास द्वारा कई करोड़ रुपए का हेरफेर किया गया है। उन्होंने हर व्यक्ति, हर दुकानदार और हर अधिकारी के साथ महीना फिक्स किया हुआ था। महीना न देने पर कार्रवाई करवाई जाती थी। यहां तक कि तबादले और नियुक्तियां कराने के भी पैसे लिए जाते थे। इस तरह करके विधायक व बेटे ने करीब 10 करोड़ की गेम कर डाली। निखिल का आरोप है कि वे कई पेमेंट विधायक के अन्य पारिवारिक सदस्यों के खातों में भी डालता रहा है। जिसके उसके पास पुख्ता सबूत है। लेकिन अब विधायक अपने करीबी एसीपी सेंट्रल के जरिए उन पर कार्रवाई कराने की फिराक में है। वहीं विधायक अशोक पराशर पप्पी का कहना है कि निखिल के आरोप झूठे हैं। वह लोगों के साथ ठगी मारता था। जिसके चलते उन्होंने खुद उसके खिलाफ मामला दर्ज करवाया है।
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Yashpal Sharma (Editor)