यशपाल शर्मा
लुधियाना। लुधियाना नगर निगम में बड़े-बड़े टेंडर और वर्क अलॉटमेंट में मोटे कमीशन के खेल ने अब घटिया मैटीरियल से तैयार कामों की पोल खोलनी शुरू हो गई है। कमीशन के खेल का नया शिकार 11.26 करोड़ की लागत से तैयार इंडोर बास्केटबॉल हाल बना है। जहां पर रोजाना लुधियाना और इसके आसपास के गांव के सैकड़ों युवक बास्केटबॉल प्रेक्टिस को आते हैं, लेकिन इस कमीशन के खेल में इन युवाओं के भविष्य तक से खिलवाड़ करने में कोई शर्म नहीं की गई। गुरु नानक स्टेडियम में तैयार किए गए नए इंडोर बास्केटबॉल हॉल की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। करोड़ों रुपये खर्च करने बनाई गई हॉल की लकड़ी की फ्लोरिंग एक साल पूरा होने से पहले ही उखाड़नी शुरू हो गई है, जबकि बारिश के दौरान छत से पानी टपकने की शिकायत भी सामने आई है। इन खामियों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
टेंडर अलॉटमेंट से लेकर वर्क पूरा होने तक चला मोटा कमीशन का खेल
टेंडर अलॉटमेंट से लेकर वर्क पूरा होने तक मोटे कमीशन खेल की चर्चा बताया जाता है कि इस बास्केटबॉल इंदौर हाल के टेंडर की अलॉटमेंट में सबसे पहले मोटा कमीशन का खेल खेला गया। बताया जाता है कि एक निगम अधिकारी (बीएंडआर ब्रांच से संबंधित नहीं) ने उक्त ठेकेदार को अपना नजदीकी बता एक विधायक की शह पर इस टेंडर की अलॉटमेंट के नाम पर 5 फीसदी कमीशन अपनी जेब में डाली। इतना ही नहीं तत्कालीन एक चर्चित एसई ने भी इस काम का वर्क आर्डर जारी करने से पहले करीब 8.5 फीसदी कमिशन लिए जाना चर्चा में आ गया है। इतना ही नहीं ठेकेदार की ओर से इस काम के बिल बनवाने पर भी लाखों रुपए की कमीशन जेई, एसडीओ, एक्सियन तक को बांटी। जब अफसरों की जेब में मोटी कमीशन चली जाती है तो वह काम की गुणवत्ता मैं भी हर तरह का कंप्रोमाइज कर जाते हैं और इसी का जीता जागता उदाहरण यह वर्क है।
यह है प्रोजेक्ट की पूरी डिटेल
यह प्रोजेक्ट पहले 11.26 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत हुई थी। बाद में डिजाइन में बदलाव और अतिरिक्त कार्यों के कारण इसकी लागत बढ़ाकर लगभग 14.38 करोड़ रुपये कर दी गई। इसका ठेका जनवरी 2023 में दिया गया था। निर्माण कार्य मार्च 2023 में शुरू हुआ और इसे जुलाई 2023 तक पूरा किया जाना था। हालांकि, बार-बार हुई देरी के कारण यह परियोजना आखिरकार वर्ष 2025 में पूरी हो सकी। निर्धारित समयसीमा का पालन न करने पर नगर निगम (एमसी) ने ठेकेदार पर 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था। लेकिन कमीशन के खेल के चलते ठेकेदार की और से दी गई मोटी कमीशन की भरपाई को ही 11.26 करोड़ में पूरे होने वाले इस काम को डिजाइन बदलाव और अमेरिकन मैपल वुड लगने के नाम पर टेंडर कास्ट को बढ़ाकर 14.38 करोड़ कर दिया गया।
लकड़ी उखाड़कर बेस को भी खोद डाला
अब, खिलाड़ियों द्वारा इंडोर कोर्ट का उपयोग शुरू किए जाने के एक वर्ष से भी कम समय बाद, मजदूरों ने आयातित मेपल लकड़ी की फ्लोरिंग उखाड़ दी है और संचालन शुरू होने के बाद सामने आई खामियों को दूर करने के लिए उसके बेस (नींव) को भी खोद दिया है। जानकारी के अनुसार, इंडोर हॉल की फ्लोरिंग समतल नहीं थी। कई स्थानों पर ऊंचाई-नीचाई होने के कारण इसे हटाकर दोबारा बिछाने का निर्णय लिया गया है। निर्माण करने वाली कंपनी ही अब फ्लोरिंग को फिर से तैयार करेगी। इससे हॉल का उपयोग कुछ समय के लिए प्रभावित रहेगा। दूसरी ओर, बारिश के दौरान छत से पानी टपकने की शिकायत ने भी चिंता बढ़ा दी है।
मामले की विजिलेंस जांच कराने की मांग
पंजाब बास्केटबॉल एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने निर्माण कार्य में इस्तेमाल सामग्री और गुणवत्ता की जांच की मांग को कहा है। समाज सेवक व आरटीआई एक्टिविस्ट कीमती रावल ने इस मामले की विजिलेंस जांच करवाने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि अगर करोड़ों रुपए खर्च करने के बावजूद यह बास्केटबॉल हाल 1 साल भी पूरा नहीं चला तो तो इसमें 100 फ़ीसदी घोटाला किया गया है उन्होंने कहा कि इस पूरे घोटाले की जांच कर इसकी रिकवरी संबंधित अफसरों के वेतन से की जानी चाहिए। जिस जिस अधिकारी ने इस टेंडर और वर्क आर्डर में मोटा कमीशन खाया है, उन्हें नौकरी से डिसमिस किया जाना चाहिए।
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Yashpal Sharma (Editor)