पंजाब। अमृतसर स्थित गोल्डन टेंपल के सेवादारों की वर्दी में बदलाव किया गया है। इसका उद्देश्य परंपरा, अनुशासन और गरिमा को और मजबूत करना है। नई व्यवस्था के अनुसार अब गोल्डन टेंपल में तैनात सुरक्षा सेवा दल के सेवादार पहली बार दो रंग (पीला और गहरा नीला) की वर्दी लागू की गई। साथ ही कंधों पर खंडे की नक्काशी और सफेद रंग का हजूरिया पहने सेवादार नजर आएंगे। इससे पहले भी सेवादारों की वर्दी में चार पर बदलाव हुआ। जिसमें 1960–70 तक सेवादारों की वर्दी पूरी तरह पारंपरिक थी। इसके बाद 1990 में नीले रंग की तय वर्दी और पहचान चिन्ह जोड़े गए। फिर 2000 में वर्दी पर कंधों/सीने पर पहचान और श्री दरबार साहिब श्री अमृतसर लिखने की शुरुआत हुई। इसके बाद 2015 से मुख्य रूप से नीले रंग की वर्दी ही प्रचलन में रही। इसके बाद अब फिर वर्दी के रंग में बदलाव किया गया। यह बदलाव 3 दिन पहले किया गया था, लेकिन आज (5 फरवरी को) आधिकारिक रुप से इसे लागू कर दिया गया। यह फैसला SGPC ने लिया है।
नई वर्दी में कैसे दिखेंगे सेवादार
सेवादार सप्ताह में बारी-बारी से दो-दो दिन इन वर्दियों को पहनेंगे, ताकि एकरूपता और अनुशासन बना रहे। इस बदलाव की खास बात यह है कि जब सेवादार पीले रंग की वर्दी पहनेंगे, तब उनकी पगड़ी नीले रंग की होगी, और जब नीले रंग की वर्दी होगी, तब पगड़ी पीले रंग की रहेगी। सेवादारों को नई वर्दियां दी जा चुकी हैं। जिन सेवादारों को अभी वर्दी नहीं मिली है, उन्हें भी जल्द ही उपलब्ध करा दी जाएगी।
खंडा और गोल्डन टेंपल, श्री अमृतसर की स्पष्ट पहचान
नई वर्दी में दोनों कंधों पर खंडे की सुंदर नक्काशी की गई है, जो सिख धर्म में साहस, सेवा और सत्य का प्रतीक मानी जाती है। वर्दी के सीने पर साफ अक्षरों में गोल्डन टेंपल, श्री अमृतसर लिखा गया है, जिससे सेवादारों की पहचान और भी स्पष्ट होती है। इसके साथ-साथ सेवादार सफेद रंग का हजूरिया भी पहनेंगे, जो पवित्रता, विनम्रता और सेवा भाव का प्रतीक है। इसके अलावा, सेवादारों को कमरकस्से के रूप में विशेष कपड़े की बेल्ट दी जाएगी, साथ ही पगड़ी पर सजाने के लिए खंडे भी प्रदान किए जाएंगे। इन सभी बदलावों से सेवादारों की वेशभूषा और अधिक गरिमामयी, दर्शनीय और प्रभावशाली बन गई है।
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Yashpal Sharma (Editor)