पंजाब। पंजाब से पाकिस्तान गई महिला सरबजीत कौर के डिपोर्टेशन से जुड़े मामले में बुधवार, 25 मार्च को सुनवाई करते हुए लाहौर हाईकोर्ट ने पाकिस्तानी गृह मंत्रालय को लेकर नाराजगी जताई। हाईकोर्ट के जस्टिस फारूक हैदर ने कहा ने कि 2 महीने बाद भी रिपोर्ट न देना मंत्रालय की लापरवाही है। हाईकोर्ट ने असिस्टेंट एडवोकेट जनरल को तलब कर सख्त आदेश दिए कि अगली तारीख पर सभी विभागों की रिपोर्ट आ जानी चाहिए। इसे सुनिश्चित करें। वहीं, 3 विभाग पहले ही जवाब दाखिल कर चुके हैं। इनमें से 2 विभागों ने पल्ला झाड़ लिया। इससे पहले 24 मार्च को लाहौर हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान एडवोकेट अली चंगेजी संधू ने अर्ली हियरिंग की मांग करते हुए इसे मानवीय आधार पर तुरंत सुनने की दलील दी। अदालत ने दलीलों को स्वीकार करते हुए मामले को प्राथमिकता दी और जल्द सुनवाई के लिए आगे बढ़ाया। जस्टिस फारूक हैदर ने सुनवाई के दौरान संबंधित पक्षों से जवाब तलब किया और सभी जरूरी दस्तावेज समय पर पेश करने के निर्देश दिए। कोर्ट ने यह भी कहा कि मामले में कानून के साथ मानवीय पहलुओं को भी ध्यान में रखा जाएगा।
पिछली सुनवाई में दिया था रिपोर्ट पेश करने का आदेश
हाईकोर्ट ने पाकिस्तान के वीजा नियमों के उल्लंघन के आरोप में सरबजीत कौर के डिपोर्टेशन से संबंधित याचिका पर सुनवाई की। इस मामले में एडवोकेट अली चंगेजी संधू और एम. नवाज शेख ने दलीलें पेश कीं। एडवोकेट अली चंगेजी संधू ने अदालत का ध्यान पिछले आदेश की ओर आकर्षित किया, जिसमें कैबिनेट डिवीजन, गृह मंत्रालय, पंजाब सरकार, डीजी एफआईए, विदेश मंत्रालय और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय को सरबजीत कौर के मामले पर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया गया था। इसमें कुछ मंत्रालयों का जवाब मिल चुका है, जबकि कुछ गृह मंत्रायल ने इसे गंभीरता से न लेते हुए अब तक रिपोर्ट पेश नहीं की है।
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Yashpal Sharma (Editor)