यशपाल शर्मा, लुधियाना
अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनोल्ड ट्रंप की ओर से विभिन्न देशों पर मोटा इंपाेर्ट टैरिफ लगाए जाने के बाद भारतीय शेयर बाजार में हाहाकार की स्थिति पैदा हो गई है। यही स्थिति कॉमोडिटी बाजार में बनती दिखाई दे रही है। शुक्रवार को भारतीय बाजार में सेंसेक्स करीब 1000 प्वाइंट और निफ्टी करीब 350 प्वाइंट की गिरावट के साथ बंद हुए। क्रूड ऑयल में 7 फीसदी, नैचुरल गैस में 6 फीसदी और चांदी में भी 3.5 फीसदी तक की गिरावट बाजार में जारी हैं। वीरवार को अमेरिकी शेयर बाजार में डाओ जोंस करीब 4 फीसदी और वहीं नैस्डेकमें करीब 6 फीसदी की गिरावट देखी गई। अमेरिकी शेयर बाजार में एप्पल का शेयर करीब 9:15 नाइक का शेयर 14 फीसदी ताकि गिरावट देखी गई डोनाल्ड ट्रंप की ओर से लगाए गए इंपोर्ट टेरिफ के बाद सबसे पहले गिरावट अमेरिकी शेयर बाजार में ही देखी गई और इसके बाद यूरोप के बाजार भी वीरवार को 4 से लेकर 6 फीसदी तक गिर गए। सोमवार को भी भारतीय बाजार में बड़ी गिरावट के अनुमान लगाए जा रहे हैं बताया जाता है कि जहां आज भी यूरोप के बाजारों में करीब चार स्थिति तक की गिरावट है वही डाउ जॉन्स फ्यूचर भी 1000 से अधिक की गिरावट दिखा रहे हैं। ऐसे में भारतीय बाजार जहां निफ़्टी पिछले करीब 10 दिनों में 1200 पॉइंट की रिकवरी करने में कामयाब रहा था लेकिन पिछले दो दिनों में ही भारतीय बाजार में निफ्टी ने 600 पॉइंट गंवा दिए हैं। भारतीय बाजार में सबसे अधिक गिरावट आज ऑटो, मेटल, आईटी और फार्मा सेक्टर में देखी गई। बड़ी बात है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भारत पर भी 26 फ़ीसदी इंपोर्ट टेरिफ लगाया गया है और इसका सबसे अधिक नुकसान फार्मा सेक्टर ऑटो सेक्टर आईटी सेक्टर को होता दिखाई दे रहा है। भारतीय शेयर बाजार में आज स्टील सेक्टर से संबंधित टाटा मोटर्स का शेयर करीब साढ़े 8%, हिंडाल्को का शेयर 8 % गैस सेक्टर का शेयर ओएनजीसी 7% ऑटो सेक्टर का शेयर टाटा मोटर 6.5% और फार्मा सेक्टर से संबंधित दिग्गज सिपला कंपनी का शेयर 5.5% की गिरावट पर बंद हुआ। आपको बता दें यह गिरावट फ्यूचर एंड ऑप्शन से संबंधित दिग्गज शेयरों में है और स्मॉल कैप और मिडकैप शेयरों की स्थिति और भी खराब बनी हुई है। डोनाल्ड ट्रंप की ओर से आज फार्मा सेक्टर पर नया टैरिफ लगाने के सिग्नल के बाद आज फार्मा सेक्टर में हाहाकार की स्थिति पैदा हो गई और अरविंदो फार्मा का शेयर करीब 10% की गिरावट पर बंद हुआ।
दुनिया भर के बाजारों में बने वैश्विक मंदी के आसार
ट्रंप की ओर से दुनिया भर के देशों के इंपोर्ट पर टैरिफ ठोके जाने के बाद पूरे विश्व में वैश्विक मंदी की संभावना का अनुमान लगाए जाने लगा है। इसका बड़ा कारण है कि अमेरिका की ओर से लगाए टैरिफ के बाद बाजार में टैरिफ वॉर शुरु हो गई है। अमेरिका की ओर से इंपोर्ट पर टैरिफ के जबाव में कनाड़ा और चीन ने भी अमेरिका के उत्पादों पर भी टैरिफ बढ़ाने का एलान कर दिया गया है। जिसके चलते पूरे विश्व में एक्सपोर्ट व इंपोर्ट को लेकर गंभीर स्थिति पैदा हो गई है। बड़ी बात है कि अमेरिका के राष्ट्रपति बनते ही डॉनोल्ड ट्रंप की ओर से टैरिफ बढ़ाने का एलान कर दिया गया था, लेकिन अब इसे लागू किए जाने के बाद पूरे बाजार का माहौल बिगड़ता दिखाई दे रहा है। जहां पहले पूरे विश्व के बाजार रशिया- यूक्रेन युद्ध और इजराइल- हमास युद्ध की मार से उभरने शुरु हुए थे, लेकिन अब टैरिफ वॉर ने पूरे विश्व के बाजारों को भयानक स्थिति पर ला खड़ा किया है। भारतीय बाजार में बहुत से कंपनियां ऐसी हैं, जो एक्सपोर्ट व इंपोर्ट पर ही निर्भर हैं और ऐसे में अगर इन कंपनियों को बाहरी देशों में महंगे दामों पर मैटीरियल बेचने में समस्या आई तो इन कंपनियों के बैंक क्रप्ट होने की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता।
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कच्चे तेल की कीमतों में भी बड़ी गिरावट
टैरिफ वॉर का असर केवल दुनिया भर के शेयर बाजारों में ही नहीं, ब्लकि क्रूड ऑयल में बड़ी गिरावट आज देखी जा रही है। क्रूड ऑयल के दामों में भी आज करीब सात फीसदी की गिरावट देखी जा रही है। जबकि नैचुरल गैस में 6 फीसदी और चांदी का बाजार भी करीब 3.5 फीसदी की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहे हैं।
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Yashpal Sharma (Editor)