पंजाब। भारत से एसजीपीसी जत्थे के साथ पाकिस्तान गई कपूरथला की सरबजीत कौर की भारत वापसी फिलहाल टल गई है। पाकिस्तान सरकार ने उसे भारत भेजने के बजाय उसकी वीजा अवधि बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि इस्लाम धर्म कबूल करने के बाद सरबजीत कौर ने अपना नाम नूर फातिमा हुसैन रख लिया है। पाकिस्तान के गृह राज्य मंत्री मोहम्मद तलाल चौधरी ने सरबजीत को देश निकाला न देने और वीजा बढ़ाने की अपील को मंजूरी दे दी है। वहीं, लाहौर की एक कोर्ट में मामला विचाराधीन होने के कारण उसकी तत्काल भारत वापसी पर रोक लगी हुई है। सरबजीत कौर 4 नवंबर को श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर 1923 श्रद्धालुओं के जत्थे के साथ अमृतसर से अटारी बॉर्डर के रास्ते पाकिस्तान गई थी। यह जत्था 10 दिन तक पाकिस्तान में रहा और 13 नवंबर को भारत लौट आया।हालांकि, 1923 की जगह केवल 1922 श्रद्धालु ही वापस पहुंचे। जांच में सामने आया कि कपूरथला की रहने वाली सरबजीत कौर भारत नहीं लौटी। उसका नाम न तो पाकिस्तान के एग्जिट रिकॉर्ड में मिला और न ही भारत के एंट्री रिकॉर्ड में दर्ज था।
निकाहनामा और वीडियो वायरल हुआ
सरबजीत की तलाश के दौरान अचानक उर्दू में लिखा उसका निकाहनामा सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसमें दावा किया गया कि उसने पाकिस्तान में इस्लाम धर्म अपना लिया है और शेखूपुरा के नूर हुसैन नामक युवक से निकाह किया है। इसके बाद 15 नवंबर को उसका एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें वह मौलवी से कहती दिखी कि वह मुस्लिम बनना चाहती है। वीडियो में उसने कहा कि वह नासिर से प्यार करती है और उसे पिछले 9 साल से जानती है। सरबजीत ने यह भी दावा किया कि उसका पहले ही तलाक हो चुका है। निकाह के बाद जब सरबजीत के वीजा दस्तावेजों की जांच की गई, तो सामने आया कि उसने पाकिस्तानी इमिग्रेशन फॉर्म में कई अहम जानकारियां नहीं भरी थीं।फॉर्म में उसकी राष्ट्रीयता और पासपोर्ट नंबर जैसी जरूरी जानकारी दर्ज नहीं थी, जिससे पाकिस्तान में उसे ट्रेस करना मुश्किल हो गया। बताया जा रहा है कि निकाह के बाद वह नासिर के साथ छिपकर रह रही थी।
हमारा पहला उदेश्य आप तक सबसे पहले और सही खबर पहुंचाना। हमारे आसपास क्या हो रहा है, इसके बारे में आपकी नॉलेज को दुरुस्त करना। वहीं समाज की बुराईयों व गलत गतिविधियों संबंधी आगाह करना भी हमारे लक्ष्य में हैं।
Yashpal Sharma (Editor)