लुधियाना। माछीवाड़ा के गांव तखरा में कांग्रेस ब्लॉक प्रधान परमिंदर तिवारी की दो बदमाशों द्वारा सिर में कुल्हाड़ी से कई वार किए। जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। जहां पर डॉक्टरों ने उन्हें मृतक घोषित कर दिया। इस मामले में कई खुलासे हुए हैं। एडीसीपी जश्नदीप सिंह गिल ने बताया कि तिवारी की हत्या प्रॉपर्टी विवाद में हुई। इस वारदात को खोखरा के रहने वाले विजय कुमार नाम के व्यक्ति ने अंजाम दिया। पंचायत की जमीन पर विजय कुमार ने कब्जा किया था, जिसे तिवारी और गांव के सरपंच ने छुड़वाया था। इसी रंजिश में विजय ने उनकी हत्या की। तिवारी रविवार शाम साढ़े 6 बजे माछीवाड़ा के गांव तखरां में बस स्टैंड पर अपने क्वार्टरों पर कुर्सी पर बैठे हुए थे। इसी दौरान दो लोग आए। उन्होंने पीछे से सिर पर कुल्हाड़ी से तीन वार किए। जिससे उनका सिर फट गया और वह जमीन पर गिर पड़े। उनके दिमाग की नसें बाहर निकल आईं। इसके बाद आरोपी वहीं पर कुल्हाड़ी छोड़कर भाग गए। इसी दौरान उनका बेटा वहां पहुंचा, वह जमीन पर लहूलुहान हालत में पड़े मिले। इसके बाद उन्हें तुरंत माछीवाड़ा के सिविल अस्पताल पहुंचाया। हालत नाजुक होने पर डॉक्टरों ने उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन उन्हें फोर्टिस अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। हालांकि पत्नी को उनकी मौत के बारे में नहीं बताया गया है। वह आज अस्पताल पहुंची और बेसुध हो गईं। उन्हें कहा गया कि उनके पति की हालत सीरियस है। तिवारी संत बाबा सुंदरदास मेमोरियल सीनियर सेकेंडरी स्कूल के मालिक थे। तक के बेटे ने बताया कि जब वह वहां पहुंचा तो उसके पिता जमीन पर गिरे हुए थे। किसी ने उनके सिर पर वार किया था। हमलावर दो थे, जो वारदात के बाद लुधियाना की तरफ भाग गए।
कुल्हाड़ी से सिर पर हमला किया
चश्मदीद व्यक्ति ने बताया कि तिवारी रोज की तरह वहां आए हुए थे। इसी दौरान दो लोगों ने उन पर कुल्हाड़ी से सिर पर हमला कर दिया। हमलावरों की पहचान नहीं हो पाई है, क्योंकि उन्हें पहले कभी आसपास नहीं देखा गया था। चश्मदीद ने कहा कि वह हमलावरों को नाम से नहीं जानता। लेकिन सामने आने पर पहचान सकता है। उसके अनुसार, दोनों हमलावर पहले कभी उस इलाके में नहीं दिखे। उसने अपनी आंखों से देखा कि वे तिवारी के सिर पर वार कर रहे थे। उसने उन्हें पकड़ने की कोशिश भी की। लेकिन हमलावरों के हाथ में कुल्हाड़ी थी और वह निहत्था था, इसलिए पीछे हटना पड़ा। उसने तुरंत 112 नंबर पर फोन किया। लेकिन किसी ने कॉल रिसीव नहीं की।
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Yashpal Sharma (Editor)