चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट को बताया है कि फिलहाल राज्य के किसी भी पुलिस थाने में ट्रांसजेंडर के लिए अलग लॉकअप की व्यवस्था नहीं है। हालांकि इसके लिए करीब 25.86 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया है। यह मामला एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान सामने आया, जिसमें जेल और पुलिस थानों में ट्रांसजेंडर के लिए अलग वार्ड, लॉकअप और शौचालय बनाने की मांग की गई है। साथ ही उनकी पहचान के लिए व्यवस्था और विशेष सुरक्षा सेल बनाने की भी मांग उठाई गई थी। इससे पहले हाईकोर्ट ने 20 मार्च 2025 को पंजाब सरकार से पूछा था कि क्या ट्रांसजेंडर कैदियों के लिए अलग सेल बनाए गए हैं या नहीं। इसके जवाब में पुलिस विभाग की ओर से हलफनामा दाखिल किया गया। सरकार ने साफ किया कि अभी तक राज्य में ऐसी कोई अलग व्यवस्था नहीं है। हालांकि, सभी जिलों से रिपोर्ट मंगवाकर यह आकलन किया गया कि इस सुविधा को शुरू करने में कितना खर्च आएगा।
25.86 करोड़ का खर्च अनुमानित
जांच के बाद सरकार ने बताया कि ट्रांसजेंडर पुरुष और महिला कैदियों के लिए अलग लॉकअप बनाने पर कुल 25,86 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। यह प्रस्ताव अब गृह विभाग को भेजा गया है और इसे वित्त वर्ष 2025-26 के संशोधित बजट में शामिल करने पर विचार किया जा रहा है। सरकार ने यह भी बताया कि फिलहाल ट्रांसजेंडर व्यक्तियों की पहचान मेडिकल जांच के जरिए या आधार कार्ड, वोटर कार्ड जैसे दस्तावेजों के आधार पर की जाती है। पंजाब पुलिस ने राज्य स्तर पर ट्रांसजेंडर प्रोटेक्शन सेल बनाने की मंजूरी भी दे दी है। इस सेल के लिए अलग जगह, स्टाफ और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यह मामला ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के अधिकार और सुरक्षा से जुड़ा है। हाईकोर्ट में चल रही इस सुनवाई के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही पुलिस थानों और जेलों में उनके लिए अलग और सुरक्षित व्यवस्था बनाई जा सकती है।
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Yashpal Sharma (Editor)