लुधियाना। लुधियाना के डेयरी संचालकों द्वारा शुक्रवार को नगर निगम ऑफिस के बाहर गोबर गिराकर प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि बुड्ढा दरिया में गोबर युक्त पानी गिराने वालों पर भी निगम FIR दर्ज कर रहा है। निगम की सख्ती के बाद डेयरी संचालकों के सामने गोबर ठिकाने लगाने का संकट पैदा हो गया। जिसके चलते अकाली पार्षद कमल अरोड़ा डेयरी संचालकों के साथ गोबर की ट्रालियां लेकर नगर निगम जोन डी दफ्तर पहुंचे। पार्षद ने निगम के गेट पर गोबर गिराया और उसके बाद पंजाब सरकार, नगर निगम व संत सीचेवाल के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान वह री बिछाकर डेयरी संचालकों के साथ धरने पर बैठ गए। उनका कहना है कि नगर निगम ने डेयरी संचालकों के गोबर के लिए कोई व्यवस्था नहीं की और उनके खिलाफ अब पर्चे दर्ज करने लगे हैं। पार्षद का आरोप है कि नगर निगम ने 45 करोड़ रुपए का कॉन्ट्रैक्ट दिया है, लेकिन उसके बावजूद गोबर नहीं उठाया जा रहा है। पशुओं को नहलाने के बाद पानी कहां जाएगा, इसकी व्यवस्था तो नगर निगम को ही करनी है। उन्होंने हमारे पानी की निकासी रोक दी है। कमल अरोड़ा ने बताया कि उनके वार्ड में ताजपुर डेयरी कॉम्पलेक्स में 160 से ज्यादा डेयरियां हैं। नगर निगम ने डेयरियों के गोबर व पानी के ट्रीटमेंट के लिए कोई व्यवस्था नहीं की। उनका आरोप है कि डेयरी कांप्लेक्स में तीन से चार फुट पानी भरा हुआ है। जो प्लांट लगाया है उसमें पानी नहीं जा रहा है। नगर निगम ने डेयरी वालों के साथ मीटिंग नहीं की और सीधे उनके कनेक्शन काट दिए। संत सीचेवाल खुद की वाहवाही के लिए ये सब करवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि डेयरी वाले भी चाहते हैं कि दरिया में गंदा पानी न जाए। इसके लिए नगर निगम ट्रीटमेंट प्लांट बनाएं।
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Yashpal Sharma (Editor)