यशपाल शर्मा, लुधियाना
हीरा जतिंदर सचदेवा शहर के ऐसे कारोबारी हैं, जिनके पहले भी कई बार डीआरआई की रेड हो चुकी है और वह अपने कारोबार का को दिवालिया घोषित भी कर चुके हैं। लेकिन इसके बावजूद पिछले 6 साल में उन्होंने अपने कारोबार के अंपायर को नए आयाम पर पहुंचा दिया। यह बात सबको हैरान कर देने वाली है। बताया जाता है कि कुछ महीनो पहले ही उन्होंने जनपद एस्टेट में 7 करोड़ की कोठी बेची और इसके बाद फिरोजपुर रोड स्थित ग्रीन वैली कॉलोनी में 4.50 करोड रुपए की कोठी खरीदी थी। बताया जाता है कि हीरा सचदेवा का बिलिंग और कैश का बड़ा कारोबार है।
इतना ही नहीं अगर किसी को 5 से 10 करोड रुपए की कैश एंट्री चाहिए होती है वह भी ये अरेंज करते थे। इसके साथ-साथ शहर के नामी बड़े एक्सपोर्टर्स भी उनसे ही बिल कटवाते थे। बताया जाता है कि हीरा सचदेवा के पास ही कुछ बड़ी बैटिंग अप का गेटवे था और भारतीय पे एप के जरिए यह पेमेंट उनके खातों तक पहुंचती थी।
आज की ईडी जांच का यह पूरा मामला बेटिंग एप से जुड़ा बताया जा रहा है। यह पूरी एप ऑनलाइन रहती है इसलिए इसमें पेमेंट की ट्रांजैक्शन भी ऑनलाइन बैंक हाथों में आती है जिसमें पेमेंट के लिए भारती पे एप का इस्तेमाल होता था। सूत्र यह भी बताते हैं कि करोड़ों में होने वाली सट्टेबाजी की नगदी भी उन तक पहुंचती थी।
लेकिन सबसे हैरानी वाली बात यह है कि कुछ सालों पहले दिवालिया होने वाले हीरा सचदेवा कैसे पिछले 5 सालों में बड़े कारोबारी बन गए और शहर के नामी एक्सपोर्टर भी उनके लिंक में आ गए।
ईडी सचदेवा को कोठी से ले गई ऑफिस व फैक्ट्री
बताया जाता है कि ईडी अभी-अभी हीरा सचदेवा को उनकी ग्रीन वैली स्थित कोठी से निकाल कर अपने साथ गाड़ी में इंडस्ट्री एरिया स्थित उनकी फैक्ट्री और मोती नगर स्थित उनके ऑफिस को लेकर जा रही है जहां पर उनकी उनके कंप्यूटर लैपटॉप में अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान का से ब्यौरा जुटाया जाना है। हीरा सचदेवा पर ईडी की छापामारी से उन एक्सपोर्टर्स की भी मुश्किलें बढ़ती दिखाई दे रही है जिनकी ओर से उनसे बोगस बिल कटवाए गए हैं और जिनकी एंट्री उनके पास चल रही है।
------------
लुधियाना में धागा कारोबारी पर ईडी की रेड, कई बैटिंग एप में पेमेंट लेनदेन से जुड़ा मामला, कई रडार पर
पूर्व मंत्री और विधायक संजीव अरोड़ा को पिछले दिनों ही ईडी की ओर से मोबाइल खरीद फरोख्त में बोगस बिलिंग के आरोपों के तहत गिरफ्तार किया है। उनका अभी सात दिन का रिमांड चल रहा है। वहीं दूसरी तरफ ईडी की टीम द्वारा बुधवार को एक बैटिंग एप मामले में फिर से शहर में दबिश दी गई। ईडी द्वारा उनका रिकॉर्ड व दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं। वहीं कारोबारी के बैंक खाते और प्रॉपर्टियों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। चर्चा है कि यह मामला ऑनलाइन बैटिंग एप घोटाले के साथ जुड़ा हुआ है। मामला भले ही बेटिंग एप की धांधली से जुड़ा है लेकिन अभी तक ईडी की ओर से इस मामले में संजीव अरोड़ा उनके पार्टनर्स चंद्रशेखर अग्रवाल व हेमंत सूद के के साथ इस मामले के तार जुड़े हैं इस संबंधी अभी तक किसी तरह की पुष्टि नहीं की है, मगर शहर में इस छापामारी को संजीव अरोड़ा की गिरफ्तारी से ही जोड़कर देखा जा रहा है। कहा जा रहा हैं कि उसी रेड के बाद आगे हीरा सचदेवा का लिंक मिला है। जिसके चलते ईडी इनकी आपसी बैंक ट्रांजेक्शन के लिंक जुटाने में लगी है। जानकारी के अनुसार पहले हीरा सचदेवा जनपथ एस्टेट में रहते थे। लेकिन वहां से कोठी बेच दी। लेकिन टीम को इसकी जानकारी नहीं थी। जिसके चलते टीम ने पहले जनपथ पर रेड की। मगर वहां से बिना कार्रवाई वापिस लौटना पड़ा।
हमारा पहला उदेश्य आप तक सबसे पहले और सही खबर पहुंचाना। हमारे आसपास क्या हो रहा है, इसके बारे में आपकी नॉलेज को दुरुस्त करना। वहीं समाज की बुराईयों व गलत गतिविधियों संबंधी आगाह करना भी हमारे लक्ष्य में हैं।
Yashpal Sharma (Editor)