लुधियाना। लुधियाना के धागा कारोबारी हीरा सचदेवा पर आख़िरकार ईडी ने शिकंजा कस ही दिया है। ईडी की और से आरके रोड के धागा कारोबारी हीरा सचदेवा के सभी बैंक अकाउंट सीज कर दिए हैं। सूत्रों के अनुसार हीरा सचदेवा की और से गेमिंग आप का सारा पैसा इन खातों के जरिए ट्रांसफर किया जाता था। किसे कितना पैसा देना है और कहा से कितना पैसा आना है, उसका सारा हिसाब हीरा ही रखता था। हालांकि कुछ दिन पहले हुई रेड के बाद हीरा सचदेवा द्वारा खुद को ईमानदार बताया जा रहा था। लेकिन विभाग के इस एक्शन ने उनके दावों की पोल खोलकर रख दी है। चर्चा है कि ईडी द्वारा हीरा सचदेवा से संबंधित अन्य लोगों को लेकर भी जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में विभाग द्वारा और भी एक्शन लिया जा सकता है। दरअसल, ईडी को गेमिंग ऐप के जरिए लोगों से ठगी मारकर कमाए पैसों को हीरा सचदेवा द्वारा संभालने का पता चला था। जिसके चलते 14 मई को ईडी की टीम ने एक साथ सचदेवा की आरके रोड पर स्थित धागा फैक्ट्री और फिरोजपुर रोड स्थित ग्रीन सिटी में आलीशान कोठी पर रेड की थी। इसके अलावा कई और ठिकानों पर भी रेड हुई। यह कार्रवाई दूसरे दिन तक चली थी। चर्चाएं है की इस छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और वित्तीय रिकॉर्ड जब्त किया था। हालांकि इस संबंध एजेंसी ने जानकारी सांझी नहीं की थी। लेकिन चर्चा है कि इस रिकॉर्ड में ही कई सबूत विभाग के हाथ लग गए थे। जिसने आगे कड़ी से कड़ी जोड़ी।
गेमिंग का पैसा संभालने की एवज में मिलती थी मोटी रकम
चर्चा है कि गेमिंग एप के जरिए आने वाली करोड़ों की फंडिंग को हीरा सचदेवा द्वारा मैनेज किया जाता था। यानि कि कहा से कितना फंड आना और आगे किसे ट्रांसफर किया जाना है, यह सारा कारोबार हीरा सचदेवा करता था। वैसे कहने को तो वे धागे का कारोबारी है। लेकिन पिछले छह साल के दौरान उसने काफी तेजी से तरक्की की। चर्चा है कि गेमिंग एप का पैसा संभालने की एवज में रोजाना के 15-20 लाख रुपए कमीशन मिलती थी। वे पहले सनव्यू एन्क्लेव में रहते थे। लेकिन कुछ समय पहले ही ग्रीन सिटी में करीब एक एकड़ में नई कोठी बनाई थी। ऐसे में वे लगातार शक के घेरे में आता रहा। चर्चा है कि हीरा सचदेवा द्वारा गेमिंग ऐप का पैसा ठिकाने लगाने को कई बैंक अकाउंट इस्तेमाल किए जाते थे। इन खातों की ट्रांजेक्शन ईडी के हाथ लग गई थी। जिसके बाद ईडी ने जांच तेज की। फिर अब जांच के अगले पड़ाव में खाते सीज किए गए। चर्चा है कि इन खातों में करोड़ों रुपए की रकम पड़ी है।
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Yashpal Sharma (Editor)