लुधियाना। लुधियाना नगर निगम की फाइनांस एंड कांट्रेक्ट कमेटी में विधायक पुत्रों की नियुक्ति पर अफसर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में कोई जवाब दायर नहीं कर पाए। सोमवार को जब कोर्ट ने नगर निगम से जवाब तलब किया तो निगम की तरफ से जवाब देने के लिए 10 दिन का समय और मांगा गया। याचिका कर्ता पार्षद गौरव भट्टी ने बताया कि कोर्ट ने नगर निगम अफसरों को दो टूक कह दिया कि बुधवार यानि 29 जुलाई को अपना जवाब दो। भट्टी ने कहा कि कोर्ट के आदेश के बाद नगर निगम अफसरों को अब 29 जुलाई को अपना जवाब दायर करना पड़ेगा। गौरव भट्टी का कहना है कि दरअसल नगर निगम अफसरों को भी पता है कि उन्होंने गलत प्रक्रिया के तहत दो विधायक पुत्रों को एफएंडसीसी मैंबर चुना है। इसीलिए वो हाईकोर्ट के सामने अपना पक्ष नहीं रख पा रहे हैं। गौरव भट्टी का कहना है कि नगर निगम के अफसर लगातार बार सुनवाई को लटकाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए उनसे बुधवार को रिप्लाई करने को कहा है।
24 जून को हुई थी विवादित नियुक्ति पूरे विवाद की शुरुआत
24 जून 2026 को हुई, जब लुधियाना नगर निगम की मेयर इंद्रजीत कौर ने एक आदेश जारी कर आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक मदनलाल बग्गा के बेटे अमन बग्गा और विधायक कुलवंत सिंह के बेटे युवराज सिंह सिद्धू को F&CC का सदस्य नियुक्त कर दिया था। मेयर के इस फैसले के खिलाफ कांग्रेस पार्षद गौरव भट्टी ने जुलाई के पहले हफ्ते (6-7 जुलाई) में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और रिट दायर कर इस नियुक्ति को अवैध घोषित करने की मांग की।
High-Court-Hearing-Regarding-The-Appointment-Of-Mlas-Sons-As-Members-Of-The-F-cc-The-Municipal-Corporation-Failed-To-Provide-A-Response-And-Was-Granted-10-Days-Time