ई न्यूज पंजाब, लुधियाना चीफ जस्टिस रंजन गोगोई और जस्टिस दीपक गुप्ता और संजीव खन्ना की सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ ने कहा कि आपराधिक मामले की जांच के दौरान पुलिस अचल संपत्तियों को कुर्क नहीं कर सकती। पीठ ने कहा कि सीआरपीसी की धारा 102 में अचल संपत्तियों को जब्त करने और संलग्न करने के लिए पुलिस की शक्ति में शामिल नहीं है। न्यायमूर्ति खन्ना ने पीठ की ओर से निर्णय पढ़ते हुए कहा कि यह एक निर्णय है, लेकिन न्यायमूर्ति गुप्ता ने कुछ अतिरिक्त कारण बताए हैं। शीर्ष अदालत ने आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 102 की व्याख्या की, जो किसी भी मामले की आपराधिक जांच के दौरान किसी भी संपत्ति को जब्त करने के लिए पुलिस को शक्ति प्रदान करती है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने अपने बहुमत के फैसले में कहा कि जांच के दौरान पुलिस के पास संपत्ति जब्त करने की कोई शक्ति नहीं है। महाराष्ट्र सरकार ने उच्च न्यायालय के उक्त फैसले को उच्चतम न्यायालय के समक्ष चुनौती दी थी।
Police cant attach immovable properties pending criminal cases