चंडीगढ़। चंडीगढ़ शिक्षा विभाग द्वारा ऑनलाइन प्रक्रिया अपनाने से पारदर्शिता आई है। प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए शिक्षा विभाग ने सत्र 2024- 25 में प्री-प्राइमरी कक्षाओं के लिए ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया शुरू की थी। इसके तहत अब तक विभाग 3067 बच्चों को प्री-प्राइमरी में दाखिला दे चुका है। शिक्षा विभाग ने सत्र 2023-24 में पहली बार शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत आर्थिक रूप से कमजोर अभिभावकों के बच्चों का ऑनलाइन प्रवेश किया है। ऑनलाइन प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए विभाग ने इस साल अपने स्कूलों में ईडब्ल्यूएस के साथ-साथ प्री-प्राइमरी 1, 2, 3 के दाखिले भी ऑनलाइन कर दिए हैं। बच्चों का नामांकन उनके घर से 1 किमी के दायरे में स्कूल में किया गया था। सरकारी स्कूलों में इस समय प्री-प्राइमरी कक्षाओं में दाखिले चल रहे हैं। बारा से तीन किलोमीटर की दूरी के अंदर अभिभावक अपने बच्चे के दाखिले के लिए आधार कार्ड व अन्य दस्तावेजों के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2010 कक्षा आठ तक एक बच्चे के लिए उसके घर से स्कूल की दूरी तीन किलोमीटर सीमित करता है। हालांकि, यदि बच्चे को पास के स्कूल में प्रवेश मिलता है, तो उसे दूसरे स्कूल में भेजा जा सकता है। इसमें अभिभावकों के लिए भी पारदर्शिता थी। आईडब्ल्यूएस के ऑनलाइन प्रवेश के बाद विभाग ने एनआईसी के माध्यम से एक पोर्टल तैयार किया है, जिसके माध्यम से अन्य कक्षाओं के लिए भी ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। इस प्रक्रिया से पारदर्शिता आने के साथ ही हर स्कूल का डाटा विभाग को उपलब्ध होगा। इससे पता चल जाएगा कि किस स्कूल में कितने बच्चे नामांकित हैं। पिछले सत्र में सरकारी स्कूलों में प्री-प्राइमरी में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या बढ़ी है, क्योंकि अब प्राइमरी के बाद किंडरगार्टन की नई कक्षा जोड़ी गई है। पहले सरकारी स्कूलों में बच्चे कक्षा एक में दाखिला लेते थे लेकिन राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत प्री-प्राइमरी एक और दो को लाया गया है।