लुधियाना कारपोरेशन के 1,246 करोड़ के टेंडरों पर घमासान, पार्षद गौरव भट्टी पहुंचे हाईकोर्ट, 28 अक्टूबर को डबल बेंच में सुनवाई
Oct23,2026
| Enews Team | Ludhiana
लुधियाना। नगर निगम लुधियाना के करीब 1,246 करोड़ रुपये के मैकेनिकल स्वीपिंग और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट टेंडरों को लेकर कानूनी प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं। फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट कमेटी (एफएंडसीसी) के सदस्य एवं पार्षद गौरव भट्टी ने इस मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। याचिका पर 28 अक्टूबर को हाईकोर्ट की डबल बेंच में सुनवाई निर्धारित होने की जानकारी दी गई है। याचिका में 81.54 करोड़ रुपये के मैकेनिकल स्वीपिंग टेंडर और लगभग 1,164 करोड़ रुपये के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट टेंडर से संबंधित फैसलों और प्रक्रियाओं पर सवाल उठाए गए हैं। गौरव भट्टी ने संबंधित निर्णयों में पारदर्शिता, वित्तीय जवाबदेही और कानूनी नियमों के पालन की आवश्यकता पर जोर दिया है। यानि कि निगम के सभी एजेंडों पर तलवार लटकनी शुरु हो चुकी है। याचिका में नगर निगम जनरल हाउस की बैठक की कार्यवाही, मतदान रिकॉर्ड, मिनट्स और संबंधित दस्तावेजों की जांच की मांग की गई है। इसके साथ ही टेंडर प्रक्रिया तथा ड्राफ्ट सर्विस एग्रीमेंट की कानूनी और वित्तीय समीक्षा का मुद्दा भी उठाया गया है। गौरव भट्टी का कहना है कि नगर निगम जनता के पैसे से संचालित संस्था है, इसलिए करोड़ों रुपये के प्रोजेक्टों को मंजूरी देने से पहले उनकी जरूरत, अनुमानित लागत, उपलब्ध बजट, तकनीकी रिपोर्टों और ठेके की शर्तों की पूरी जांच होनी चाहिए। इससे नगर निगम के खजाने पर अनावश्यक वित्तीय बोझ पड़ने की आशंका को दूर किया जा सकता है।
नियमों के उल्लंघन पर निष्पक्ष जांच की मांग
गौरव भट्टी ने कहा कि इस कानूनी कार्रवाई का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि नगर निगम के कामकाज में पारदर्शिता सुनिश्चित करना और जनता के पैसे की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रोजेक्ट में नियमों के उल्लंघन या वित्तीय अनियमितताओं का पता चलता है, तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता के पैसे की सुरक्षा प्रत्येक निर्वाचित प्रतिनिधि की जिम्मेदारी है। लोकतंत्र में सवाल उठाना, सरकारी रिकॉर्ड की जांच की मांग करना और कानूनी रास्ता अपनाना जनहित का हिस्सा है। अब इस मामले में हाईकोर्ट की सुनवाई पर नजर रहेगी। याचिका में लगाए गए आरोपों और उठाए गए सवालों पर अदालत का निर्णय आना बाकी है।
Controversy-Erupts-Over-Ludhiana-Corporations-Tenders-Worth-1246-Crore-Councilor-Gaurav-Bhatti-Approaches-The-High-Court-With-A-Hearing-Scheduled-Before-A-Division-Bench-On-October-28