केंद्र सरकार पैट्रोल डीज़ल की बिक्री को भी 5 फीसदी तक जीएसटी के दायरे में लाकर जनता को महंगाई से राहत प्रदान करें। यह अनुरोध आज यहां चुनिंदा पत्रकारों से वार्ता करते हुए वरिष्ठ नेता व पूर्व पार्षद परमिंदर मेहता ने प्रधानमंत्री से करते हुए कहा कि सरकार ने अधिकतर वस्तुओं पर जीएसटी की दरें हटाई व कम की है । जिससे जनसाधारण के जीवन में कुछ राहत मिलने की आस उठी है। अगर सरकार पैट्रोल व डीज़ल को भी वैट खत्म करके 5 फीसद तक जीएसटी के दायरे में लाती है तो इसका अधिक असर लोगो की रोज़ाना इस्तेमाल की वस्तुओं के दामों पर पड़ेगा जो लोगो के लिए बड़ी राहत होगी। सरकार ने जीएसटी के प्रावधान करते समय पैट्रोलियम व अन्य कुछ वस्तुओं को वैट में ही रख दिया था। जिससे लोग 18 से 28 फीसद जीएसटी का दंश झेलते रहे वही पिछले दशक से भरकम वैट दरों के कारण महंगाई ने आम आदमी का पूरी तरह से कचूमर निकाल दिया। अन्तर्राष्ट्रीय मार्केट में क्रूड ऑयल विशेषकर कोरोना काल में भी दोनों सरकारों ने न दाम व न ही वैट कम करके निजी कम्पनियों की जेबें भरने में खूब सहयोग दिया। मेहता ने कहा केंद्र के साथ राज्य सरकार को भी अपने टैक्स कम करने की ओर ध्यान देना चाहिए क्योंकि पैट्रोल डीज़ल पर केंद्र के साथ राज्य सरकार के टैक्सों का भी भारी बोझ पड़ा हुआ है।
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Yashpal Sharma (Editor)