यशपाल शर्मा, लुधियाना
नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच में फिर से हीरो बेकरी की बिल्डिंग को लेकर गड़बड़झाले का खेल आरंभ होता दिखाई देना लगा है। असल पिछले कुछ दिन से हीरो बेकरी की बिल्डिंग को लेकर मामला चर्गचा में है और इस पूरे मामले में विजिलेंस व्यूरो की भी एंट्री हो चुकी है। विजिलेंस की ओर से इस मामले में एक सोर्स रिपोर्ट भी तैयार की जा रही है और इस सोर्स रिपोर्ट में नगर निगम के एमटीपी की ओर से की गई रिपोर्ट की कापी ई न्यूज पंजाब के भी हाथ लगी है और इस रिपोर्ट में बड़ा घालमेल सामने आया है। जिससे साफ है कि नगर निगम के अफसर विजिलेंस व्यूरो तक को भी गुमराह करने में कोई कमी छोड़ना नहीं चाहते। असल में इस सोर्स रिपोर्ट के जरिए कहीं न कहीं हीरो बेकरी को फायदा पहुंचाने की कोशिश सरेआम की जा रही है। नगर निगम बिल्डिंग ब्रांच के अफसर ये पूरा घालमेल एक चालान और राजीनामा फीस में हेरफेर कर करने में जुटे हैं। हीरो बेकरी की बिल्डिंग को आसपास की दुकानों को जोड़ तोड़ कर बड़ा किया गया है और इसी जोड़ तोड़ में नगर निगम के कुछ अफसर उक्त बिल्डिंग मालिक को फायदा पहुंचाने की कोशिश में है। इस पूरे घालमेल में एक बिल्डिंग इंस्पेक्टर का बड़ा अहम रोल बताया जा रहा है और इस इंस्पेक्टर पर मौजूदा एमटीपी (नॉन टेक्नीलक) की ओर से अपना हाथ रख बडे़ घोटाले को अंजाम देने की तैयारी पूरी कर ली गई हैं।
इस तरह से समझिये इस पूरे घोटाले के खेल को
हीरो बेकरी की बिल्डिंग निर्माण में साल 2022 में पहले पक्खोवाल रोड़ साइड़ से एक प्लॉट को जोड़ा गया और इसका निर्माण आरंभ होते ही नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच ने इसका चालान काट दिया और इसके एवज में इसी साल में 75 हजार रुपए की राजीनामा फीस बिल्डिंग मालिक से वसूल ली गई। इसके बाद बिल्डिंग मालिक ने साल 2023 में मल्हार रोड़ साइड़ से एक अन्य दुकान को जोड़ लिया गया और इस दौरान उक्त बिल्डिंग मालिक ने हाउस लेन भी कवर कर ली गई, जो की नॉन कंपाउंडएबल थी। लेकिन जैसे ही हीरो बेकरी की ओर से हाउस लेन व सड़क के हिस्से पर कब्जा करने का शोर बाहर आया, तभी बिल्डिंग ब्रांच के अफसरों ने भी जोड़ तोड़ का खेल रचना शुरु कर दिया। यही पूरा घालमेल एसएसपी विजिलेंस व्यूरो लुधियान रेंज को 28 अक्टूबर 2025 को एमटीपी (नॉन टेक्नीकल) रणजीत सिंह की ओर से भेजी गई रिपोर्ट में बताया जा रहा है। असल में इस रिपोर्ट को बनवाने में एक बिल्डिंग इंस्पेक्टर का बड़ा रोल है, जो इस पूरे घालमेल कर बिल्डिंग मालिक व खुद की चमड़ी बचाने में लगा हुआ है। असल में नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच में साल 2022 में तैनात बिल्डिंग इंस्पेक्टर गगन शर्मा ने जो चालान काटा था, वो पक्खोवाल साइड़ का था और इसी की एवज में 75 हजार रुपए राजीनामा फीस वसूली गई थी। लेकिन विजिलेंस को भेजी गई रिपोर्ट में इस चालान को मल्हार रोड़ की साइड़ पड़ते नॉन कंपाउंडएबल एरिया से जोड़ कर पूरे मामले में घुमाने की कोशिशें की जा रही है। असल में 2023 में बिल्डिंग इंस्पेकटर नवनीत खोखर की ओर से नॉन कंपाउंडऐबल एरिया का चालान काटा गया था और इस मामले को घुमाने के लिए 2022 में काटी गई 75 हजार रुपए की पर्ची को 2023 के चालान से जोड़ा जा रहा है। वहीं दूसरी ओर से मौजूदा एमटीपी रणजीत सिंह से पहले एमटीपी का चार्ज देख रहे राहुल गगनेजा की ओर से माननीय अदालत में दिए गया एफिडेविट मौजूदा एमटीपी रणजीत सिंह रिपोर्ट से भी पूरी तरह से उल्ट है। ही
बिल्डिंग की सील खोली या तोड़ी इस पर भी संशय बरकरार
जहां नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच की ओर से हीराे बेकरी के मालिक पर सील तोड़ने की एफआईआर करवाई गई है, लेकिन इस सीलिंग को लेकर भी संशय बरकरार है। हीरो बेकरी मालिक जीत सिंह का कहना है कि जब उनकी बिल्डिंग नगर निगम सील की तो उन्होंने अपने मालकी दस्तावेज व विभाग की ओर से जारी रसीदें नगर निगम में दिखाई और निगम कमिश्नर ने अपनी गलती मानते हुए इस सील को खोलने के लिए बिल्डिंग इंस्पेक्टर नवनीत खोखर को कहा था। जीत सिंह का कहना था कि ये सब उनको तंग परेशान करने के लिए किया गया था।
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Yashpal Sharma (Editor)