डेस्क, लुधियाना
लुधियाना में किसानों ने पंजाब सरकार व पॉवरकॉम के लिए नई मुसीबत खड़ी कर दी है। लुधियाना के ससराली व आसपास के गांवों से KMM नेता के दिलबाग सिंह की अगुवाई में किसानों ने चिप वाले 30 बिजली मीटर उतारे। बिजली मीटर उतारने की शुरुआत ससराली के पूर्व सरपंच चरणजीत सिंह के घर से की। उसके बाद किसान यूनियन के नेता पूरे गांव में घूमते रहे और जिस जिस ने सहमति जताई उनके मीटर उतारे गए । जिसके बाद इन घरों की बिजली डायरेक्ट बिजली लाइनों से कर दी गई। किसान नेताओं ने जिनके घरों के मीटर उतारे उनके नाम व मीटर नंबर अपने पास नोट किए ताकि उन्हें पीएसपीसीएल के दफ्तर में जमा करवाया जा सके। जिन लोगों ने अपने मीटर उतरवाए हैं। उनका कहना है कि चिप वाले मीटर लगने के बाद बिल की हार्ड कॉपी आनी बंद हो गई और अब सिर्फ मोबाइल में ही बिल आते हैं। कई बार मैसेज का पता नहीं चलता है और उन्हें जुर्माना लग जाता है।
किसान नेताओं का कहना है कि चिप वाले मीटर उतारने की प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी। जो भी यूनियन के साथ संपर्क करेगा उसके मीटर काटकर पावरकॉम के दफ्तर में जमा करवा दिए जाएंगे। उन्होंने साफ किया कि पावरकॉम पुराने वाले मीटर लगा दे उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। दोपहर बाद तक किसानों ने 30 मीटर काट दिए थे। । पावरकॉम सेंट्रल जोन लुधियाना के चीफ इंजीनियर जगदेव सिंह हांस से जब इस बारे में पूछा तो उनका कहना था कि चुनाव आचार संहिता लगी हे। ऐसे में वो किसी तरह की टिप्पणी नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार से जैसे आदेश आएंगे उसके हिसाब से कार्रवाई की जाएगी।
KMM नेता दिलबाग सिंह क्या बोले? दिलबाग सिंह ने कहा कि सरकार इन मेट्रो के जरिए बिजली प्राइवेट करने जा रही है। उन्होंने बताया कि जो भी मीटर लगाए जा रहे हैं उन्हें पावर कॉम के दफ्तर में जमा करवा दिया जाएगा। उन्होंने पंजाब सरकार और पावर कॉम के अफसर को दो टूक चेतावनी दी है की उपभोक्ताओं पर किसी तरह की कार्रवाई न की जाए क्योंकि यह मी किसान मजदूर मोर्चा उतर रहा है इसलिए जो भी करवाई और जुर्माना करना है वह दिलबाग सिंह पर किया जाए।
विभाग ने जबरदस्ती चिप वाला मीटर लगाया- जसवीर कौर
उपभोक्ता जसवीर कौर का कहना है कि उनके घर का बिजली मीटर जल गया था। उसके बाद पावर कॉम ने जबरदस्ती चिप वाला मीटर लगाया। इसमें ना तो बिल आ रहा है और नहीं उन्हें पता लगता है कि उनकी कितनी यूनिट जाली हैं। बिल के तौर पर सिर्फ मोबाइल में एक मैसेज आता है। उन्होंने किसान यूनियन से संपर्क किया था कि उनके घर का बिजली मीटर काटा जाए। गांव के पूर्व सरपंच चरणजीत सिंह का कहना है कि उनके घर का मीटर जला तो पावरकॉम ने चिप वाला मीटर लगा दिया। उन्होंने बताया कि तब भी विरोध किया था लेकिन वो मीटर लगा कर चले गए। उनका कहना है कि किसान यूनियन ने फैसला किया तो वो किसान यूनियन के साथ हैं। अगर कोई केस या जुर्माना हुआ तो यह किसान यूनियन की जिम्मेदारी होगी।
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Yashpal Sharma (Editor)