यशपाल शर्मा, लुधियाना
पंजाब में जीएसटी गिरफ्तारी से जुड़े एक अहम मामले में मूनक की न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अदालत ने लोहे के कबाड़ के कारोबारी को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष की सजा सुनाई है। अधिकारियों के अनुसार, यह राज्य में जीएसटी गिरफ्तारी मामलों में पहली सजा है। मामला अगस्त 2019 का है, जब सहायक आयुक्त राज्य कर मेजर मनमोहन सिंह द्वारा एक फर्जी बिलिंग घोटाले का पर्दाफाश किया गया था। पंजाब स्टेट जीएसटी विभाग के अनुसार, खनौरी निवासी और गणपति मोटर्स के मालिक सुभाष चंदर को राज्य को लगभग 10.48 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। विभाग का आरोप था कि आरोपी ने फर्जी बिलों के जरिए इनपुट टैक्स क्रेडिट का गलत लाभ उठाया और बड़े पैमाने पर कर चोरी की। मामले की जांच के बाद चालान अदालत में पेश किया गया और करीब पांच वर्ष से अधिक समय तक सुनवाई चली। सोमवार को अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए आरोपी को तीन साल के कारावास की सजा दी। साथ ही 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जीएसटी अधिकारियों ने इस फैसले को कर चोरी के खिलाफ सख्त संदेश बताया है। विभाग का कहना है कि फर्जी बिलिंग और टैक्स चोरी में शामिल लोगों के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।इस निर्णय को पंजाब में जीएसटी कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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