यशपाल शर्मा, लुधियाना
अगर ईरान और इजरायल अमेरिका का युद्ध और लंबा खींच तो भारत में भी पेट्रोल डीजल की कीमत पेश आने की संभावना बनती दिख रही है अगर अगले तीन-चार दिनों में यह हालात नहीं सुधरे तो भारत में भी पाकिस्तान थाईलैंड की तरह वर्क फ्रॉम होम की स्थिति पैदा हो सकती है। आपको बता दें कि तेल की किल्लत के चलते जहां पाकिस्तान में सरकारी दफ्तर सप्ताह में 4 दिन खोलने और आधे स्टाफ को वर्क फ्रॉम होम के लिए कह दिया गया है। वही अगले सप्ताह से पाकिस्तान के सभी स्कूलों को भी दो सप्ताह के लिए बंद किया जा रहा है ।
इसी तर्ज पर अब थाईलैंड में भी तेल की किल्लत के चलते वर्क फ्रॉम होम के आदेश जारी कर दिए गए हैं। इसके साथ-साथ दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी सऊदी अरामको ने चेताया है कि अगर ईरान युद्ध यूं ही जारी रहता है और और होमुरज स्ट्रेट पर जहाज़ों की आवाजाही बंद रहती है तो दुनिया की ऑयल मार्केट में बड़ा संकट खड़ा हो सकता है। हालांकि भारत इस कोशिश में लगा हुआ है कि सऊदी अरब से तेल की सप्लाई रुकने पर रूस से तेल लिया जाएगा।
आपको बता दें कि होमुरज स्ट्रेट समुद्र से दुनिया का ऐसा रास्ता है जहां से पूरे विश्व का 20% तेल जहाजों से कई देशों में सप्लाई होता है। ऐसे में रूस के पास भी भारत के साथ-साथ अन्य देशों से तेल की डिमांड बढ़ सकती है। जिसके चलते भी रूस के लिए इतनी बड़ी सप्लाई दे पाना आसान नहीं होगा। हालांकि अमेरिका ने भी ईरान को वार्निंग दी हैं कि अगर वह होमुरज स्ट्रेट का रास्ता बंद करता है तो उस पर 20 गुना अधिक शक्ति से हमला किया जाएगा।
वहीं दूसरी ओर ईरान भी होमुरज स्ट्रेट अमेरिका के सहयोगी देशों पर तेल के जहाजों को गुजरने की परमिशन देने की एवज में सिक्योरिटी टैक्स लगाने की प्लानिंग कर रहा है। ऐसे में साफ है कि तेल को लेकर आने वाले दिनों में बड़ी किल्लत की संभावना भारत में भी पैदा हो सकती है। आपको बता दे भारत के पास करीब 25 दोनों का तेल स्टॉक है और युद्ध शुरू हुए करीब 9 दिन बीत चुके हैं। ऐसे में धीरे-धीरे भारत के पास मौजूद तेल के भंडार में भी कमी आनी शुरू हो गई है।
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Yashpal Sharma (Editor)