पंजाब। पंजाब के मोगा में 14 मार्च को बीजेपी की और से अपनी पहली और विशाल राजनीतिक रैली आयोजित की जा रही है। जिसके चलते सभी की नजरें इस रैली पर टिकी है। इस रैली को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा संबोधित किया जाना है। जल्द पंजाब में विधानसभा चुनाव 2027 आने वाले हैं। जिसके चलते उन चुनावों के साथ रैली को जोड़कर देखा जा रहा है। वहीं इस रैली से कई राजनीतिक समीकरण बदलने की आशंकाएं हैं। वहीं इस रैली के दौरान भाजपा और अकाली दल के गठबंधन पर भी विचार हो सकता हैं। पंजाब में पिछले कई महीनों से इस गठबंधन को लेकर चर्चाएं छिड़ी हुई है। लेकिन दोनों पार्टियों के लीडरों द्वारा अभी खुलकर कुछ नहीं बोला जा रहा। मगर अब क्यास लगाए जा रहे हैं कि इस रैली के दौरान गठबंधन पर विचार हो सकता है। वहीं, राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा छिड़ी है कि अगर भाजपा इस गठबंधन को नामंजूर कर चुकी है तो इस रैली का सीधा मकसद शिअद के गढ़ में सेध लगाना है। क्योंकि लुधियाना, मोगा, बठिंडा व फिरोजपुर में शिअद का दबदबा है, ऐसे में अब देखना होगा कि उनके गढ़ में सेध लगती है या गठबंधन होता है।
वहीं इसी के साथ साथ यह भी चर्चा छिड़ गई है कि इस रैली में कई लीडर पार्टियां छोड़कर भाजपा में शामिल हो सकते हैं। जिसमें कांग्रेस, आप और अकाली दल के लीडर भी शामिल हो सकते हैं।
भाजपा लीडरों के लिए चुनौती बनी रैली
वहीं बात करें अकाली दल की तो गठबंधन के दौरान भाजपा की रैलियों में शिअद द्वारा भीड़ इकट्ठी करने में अहम योगदान डाला था। लेकिन अब भाजपा लीडरों के लिए रैली में भीड़ इकट्ठी करना चुनौती बनी है। हालांकि भाजपा लीडरों से लेकर वर्करों द्वारा लोगों को रैली में ले जाने के लिए पूरा जोर लगाया जा रहा है। लेकिन अब यह शनिवार को पता चलेगा कि वह कितने सफल रह चुके हैं। वहीं इस रैली में पंजाब को भी कई उम्मीदें है। देखना होगा कि आखिर यह रैली पंजाब को क्या देकर जाती है।
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Yashpal Sharma (Editor)