डेस्क, लुधियाना
लुधियाना में महामाई के पावन चैत्र नवरात्र महोत्सव के उपलक्ष्य में आंसल एस्टेट के एस.एस. खुराना की ओर से जगराओं पुल स्थित श्री दुर्गा माता मंदिर में श्रीमद् भागवत महापुराण कथा का भव्य आयोजन करवाया जा रहा है। कथा की शुरुआत प्रथम नवरात्रि के शुभ अवसर पर हुई।इस अवसर पर विशेष रूप से कथा वाचन हेतु श्रीमद् जगद्गुरु श्री वेणुगोपाल शरण जी महाराज पधारे।
कथा प्रारंभ से पूर्व एस.एस. खुराना एवं श्री दुर्गा माता मंदिर के ट्रस्टियों द्वारा श्रीमद् भागवत ग्रंथ तथा महाराज जी की विधिवत पूजा-अर्चना की गई।कथा के दौरान महाराज जी ने अपने प्रवचनों में कहा कि कलयुग में केवल दो ही ऐसी वस्तुएं हैं जिनके आधार पर जीव स्वयं को भाग्यशाली मान सकता है। उन्होंने कहा कि जहां अवगुण अधिक होते हैं, वहां ठाकुर जी कोई न कोई सद्गुण अवश्य प्रदान करते हैं, और जहां सद्गुण होते हैं, वहां किसी न किसी रूप में अवगुण भी होते हैं।
उन्होंने जीवन के लिए तीन महान ग्रंथों का महत्व बताते हुए कहा कि जीवन जीना रामायण से सीखना चाहिए, जीवन के संघर्षों को महाभारत से समझना चाहिए और मृत्यु को सुधारने का मार्ग श्रीमद् भागवत से मिलता है। यदि इन तीनों को जीवन में उतार लिया जाए, तो जीते-जी ही मुक्ति संभव है। महाराज जी ने कथा के दौरान भजन “जब संत मिलन हो जाए, तेरी वाणी हरी गुण गाए, तब इतना समझ लेना, अब हरी से मिलन होगा” का मधुर गायन कर श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।
इस अवसर पर एस.एस. खुराना ने कहा कि उनके परिवार के लिए यह अत्यंत सौभाग्य की बात है कि उन्हें श्रीमद् भागवत महापुराण कथा करवाने का सुअवसर प्राप्त हुआ है। उन्होंने बताया कि यह कथा प्रतिदिन शाम 4:15 बजे से 7:15 बजे तक 25 मार्च तक इसी प्रकार श्रद्धा और भक्ति के साथ आयोजित की जाएगी।
Commencement-Of-The-Shrimad-Bhagavat-Mahapurana-Katha-By-The-Ss-Khurana-Family