ई न्यूज पंजाब, लुधियाना वीरवार की "प्रार्थना सभा" में नरेश सोनी जी (भाई साहिब) ने परम पिता श्री राम व पूज्य गुरु जनों के चरणों में सभी साधकों के लिये मंगल प्रार्थना करते हुआ कहा कि हे! मेरे राम हम आप से कृपा प्राप्त करने के लिए आप की शरण में आये हैं। प्रभु जो भी आप के पास श्रद्धा और विश्वास से आता है उस पर आप कृपा करते हैं ऐसा हमें विश्वास है। हम भी आप से आपकी कृपा और आशीर्वाद प्राप्त करने आप के दरबार में आये हैं। हम भले बुरे जैसे भी हैं आप के हैं। हमारा आप के अतिरिक्त कोई भी सहारा नही है। हम पर सदैव अपनी कृपा और आशीर्वाद बनाये रखना। सोनी जी ने कहा कि: हम जब आत्म निरीक्षण करते हैं, तो अपने कर्मों को देख कर अपने आप से ग्लानि होती हैं। श्री स्वामी जी महाराज का कहना है की राम नाम के जाप से बड़े से बड़ा पापी भी तर जाता है। राम नाम के जाप से ही हम जैसों का उद्धार हो सकता है। इस संसार में ज्ञानी व्यक्ति ही जीवन में सफल हो सकता है। क्योंकि ज्ञानी मनुष्य ही पुण्य और पाप कर्म में अंतर कर सकता है। वह पाप के मार्ग को त्याग पुण्य के पथ पर चल कर अपने जीवन को सफल बना सकता है। ज्ञान प्राप्ति का सुगम साधन संतों का संग और सत्संग है। हमें यह विश्वास होना चाहिए कि हमारे सब काम राम कृपा से हो रहे है। इस लिए हर समय प्रभु का शुकराना करना है। हर समय चाहे वह सुख का हो या दुख का हो राम नाम का सिमरन करते रहना है। जहाँ भरोसे का अभाव हो वहाँ दुःख ही दुःख है। श्री राम ही हमारा सच्चा साथी है इस विश्वास से जीवन सुगम हो जाता है और सभी कठिनाई दूर हो जाती है। कष्ट क्लेश के काल में अपने राम पर पूर्ण भरोसा रखना है। इस दरबार में इस विश्वास से आना है कि यहां रहमत बरसती है। यहां से कोई खाली हाथ नही लौटता। परमेश्वर से हमें बाल भाव से मांगना चाहिए। जैसे एक बच्चा चाहे जितनी भी गलती कर ले जब वह रोकर अपनी माँ से क्षमा मांगता है तो माँ उस की बड़ी से बड़ी गलती को क्षमा कर देती है। हमें भी प्रार्थना सभा में आ कर अपने राम से ऐसे ही बाल भाव से अपने द्वारा जाने अनजाने में हुए अपराधों के लिए क्षमा याचना करनी चाहिए। वह दयालु करुणानिधान हमारे अपराधों को आवश्यक क्षमा कर देगा ऐसा विश्वास रखना है।