चंडीगढ़। सिखों के तीर्थ स्थल श्री हेमकुंड साहिब की यात्रा आज से थम गई है। गुरुघर के कपाट बंद हो गए हैं। उत्तराखंड के चमोली जिले में समुद्रतल से 15225 फीट की ऊंचाई पर स्थित गुरुद्वारा साहिब के कपाट सर्दियां बीतने पर 5 महीने बाद खुलेंगे। कपाट बंद करने से पहले सुबह श्री सुखमणि साहिब का पाठ हुआ। इसके बाद संगतों ने गुरुघर में शबद कीर्तन का आनंद लिया। कपाट बंद करने से पहले अंतिम अरदास के साथ-साथ पांच प्यारों की अगुवाई में श्री गुरु ग्रंथ साहिब को पालकी साहिब पर सुशोभित कर सतनाम श्री वाहेगुरु का जाप करते हुए शोभायात्रा निकाली गई। इसके बाद श्री गुरु ग्रंथ साहिब सचखंड साहिब में सुखासन पर सुशोभित कर कपाट बंद किए गए। इस अवसर पर करीब 2500 से 3000 तक संगतें दर्शन करने के लिए पहुंची हुई थीं। कपाट बंद किए जाने के अवसर पर जोशीमठ में गोविंद घाट से लेकर गोविंद धाम श्री हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा साहिब तक सारे रास्ते को तोरण पताकाओं से सजाया गया था।
सुखमणि साहिब और अंतिम अरदास के साथ बंद किए कपाट
कपाटबंदी के अवसर पर सुबह 10 बजे पहले सुखमणि साहिब का पाठ शुरू किया गया। उसका भोग डालने के बाद करीब 12 बजे शबद कीर्तन शुरू हुआ। दोपहर को 1 सवा 1 बजे के करीब अंतिम अरदास हुई जिसमें सारी सिख संगतें शामिल हुईं। इसके मुखवाक हुक्मनामा जारी किया गया। दोपहर करीब डेढ़ बजे पंच प्यारों की अगुवाई में श्री गुरु ग्रंथ साहिब को पालकी साहिब पर सजा कर शोभायात्रा के साथ दरबार साहिब से सच-खंड में सुशोभित किया गया। इसके बाद सतनाम श्री वाहेगुरु का जाप करते हुए कपाट बंद कर दिए गए।