अमृतसर। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के दोषी बलवंत सिंह राजोआना की मौत की सजा को उम्रकैद में बदलवाने के लिए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) की आज बैठक हुई। इसमें शनिवार शाम शुरू हुई 11 संगठनों की देर रात तक चली बैठक के निर्णय पर विचार किया गया है। SGPC का वफद सोमवार एक बार फिर राजोआना से मिलने जाएगा। SGPC प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने बताया कि राजोआना को जिंदा शहीद का दर्जा दिया गया है। ऐसे में सिख कौम नहीं चाहती कि वे 5 दिसंबर वाली हड़ताल को अंजाम दें। इसके बाद SGPC सभी सिख संगठनों को 20 दिसंबर को दिल्ली के बंगला साहिब गुरुद्वारे में एकत्रित होने का न्योता देती है। SGPC बीते दिनों बंदी सिखों को रिहा करने व बलवंत सिंह राजोआना की मौत की सजा को उम्र कैद में बदलने के लिए रोष मार्च निकालेगी। ये रोष मार्च राष्ट्रपति भवन तक निकाला जाएगा। राष्ट्रपति भवन में वे राष्ट्रपति से मिल कर उन्हें सभी 26 लाख भरवाए गए फार्म सौंपे जाएंगे।
NRI सिखों व किसानों को भी आने का अनुरोध
SGPC प्रधान धामी ने NRI सिखों को सरकार व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ह्यूमन राइट्स की हो रही उल्लंघन को उठाने का अनुरोध किया है। उन्होंने किसानों को अनुरोध किया कि वे 20 दिसंबर के रोष प्रदर्शन में साथ आने का अनुरोध किया है। दरअसल, बलवंत सिंह राजोआना द्वारा कुछ दिन पहले श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह को लिखे खत के बाद SGPC हरकत में आई। श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह ने SGPC प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी को राजोआना से मुलाकात को कहा था। मुलाकात के बाद 30 नवंबर को SGPC की बैठक बुलाई गई थी, जिसमें 11 संगठनों के शनिवार एक साथ बैठाकर फैसला करने पर सहमति बनी थी।
5 दिसंबर की हड़ताल रुकवाना चाहती है SGPC
SGPC जेल में बंद राजोआना की तरफ से 5 दिसंबर से घोषित भूख हड़ताल को रुकवाना चाहती है। वहीं, राजोआना उनकी सजा को लेकर केंद्र सरकार की तरफ से फैसला न लिए जाने और SGPC व अकाली दल की तरफ से ठोस कदम न उठाए जाने से खफा है। राजोआना ने बीते दिनों प्रधान धामी से मुलाकात के समय भी स्पष्ट कर दिया था कि SGPC की तरफ से 2011 में राष्ट्रपति को डाली गई दया याचिका भी वापस ली जाए।
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Yashpal Sharma (Editor)