श्री बाला जी सेवा परिवार की ओर से जन्माष्टमी के उपलक्ष्य पर श्री बाला जी के पाठ का आयोजन शास्त्री नगर स्थित, श्री संत राम जिंदल की अध्यक्षता में उनके निवास स्थान पर किया गया। पाठ में सर्वप्रथम संत राम जिंदल जी ने श्री बाला जी महाराज को माला अर्पण कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने फेसबुक के माध्यम से जुड़े सभी भक्तो को सम्बोधित करते हुए कहा कि मनुष्य का सर्व प्रथम गुरु उसके मात -पिता होते है। इस लिए बालाजी भक्तो को बालाजी को अपना इष्ट मान अपने माता -पिता नमन करना चाहिए। संत राम जी जिंदल ने बताया कि गुरू ही जीव का बेड़ा पार कर सकते हैं। जीव के सबसे बड़े गुरु माता - पिता ही हैं। संत राम जी जिदंल ने जन्माष्टमी की पर देश -वासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि संसार में कोई व्यक्ति ऐसा नहीं होगा जिसके जीवन में कष्ट नआए हो ,लेकिन बालाजी का दरबार ऐसा है जहा नतमस्तक होकर मनुष्य सभी कष्टों से मुक्ति पा लेता है। श्री बाला जी की आरती के साथ पाठ को विश्राम दिया गया। श्री बाला जी को छप्पन भोग अर्पित किए गए। इस अवसर पर बृज मोहन जिंदल ,शिव नारायण गुप्ता, सतीश मल्होत्रा, बॉबी जिंदल ,श्री बालाजी सेवा संघ के सौरव सिंघानिया,अरुण गुप्ता आदि सेवादार उपस्थित रहे ।