चंडीगढ़। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने पंजाब और हरियाणा के कई प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्थित आठ टोल प्लाजा की टोल दरों में संशोधन कर दिया है। नई दरें मंगलवार से प्रभावी हो गई हैं। इस फैसले के बाद चंडीगढ़, लुधियाना, अमृतसर, तरनतारन, फरीदकोट, बठिंडा, अबोहर, मौड़ और संगरूर सहित कई प्रमुख मार्गों पर सफर करने वाले वाहन चालकों को अब पहले की तुलना में अधिक टोल शुल्क देना होगा। वही लुधियाना लाडोवाल टोल प्लाजा पर चार महीने में दूसरी बार रेट बढ़े है। निजी कार, जीप और हल्के मोटर वाहनों (LMV) के लिए अधिकतर टोल प्लाजा पर 5 से 10 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है, जबकि बसों और ट्रकों जैसे व्यावसायिक वाहनों के लिए शुल्क में 10 से 15 रुपये तक का इजाफा किया गया है। एनएचएआई के अनुसार, समय-समय पर राष्ट्रीय राजमार्गों के रखरखाव, संचालन और विकास कार्यों के लिए टोल दरों में संशोधन किया जाता है। नई दरों के लागू होने के बाद रोजाना इन मार्गों पर सफर करने वाले हजारों वाहन चालकों की यात्रा लागत बढ़ जाएगी। खासकर नियमित रूप से इन मार्गों से आने-जाने वाले यात्रियों और ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े लोगों पर इसका सीधा असर पड़ेगा। हालांकि, बढ़ी हुई दरों के कारण आम यात्रियों और परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ना तय माना जा रहा है।
प्रमुख टोल प्लाजा की नई दरें
घुलाल टोल प्लाजा (चंडीगढ़-खरड़-लुधियाना, NH-05)
कार/जीप/हल्के वाहन (LMV):
* एक तरफ: 115 रुपये (पहले 110)
* दोनों तरफ: 170 रुपये (पहले 165)
बस/ट्रक
* एक तरफ: 390 (पहले 375)
* दोनों तरफ: 580 (पहले 565)
पैंद टोल प्लाजा (संगरूर-दोगल कलां, NH-52)
कार/जीप/हल्के वाहन (LMV)
* एक तरफ: 95 (पहले 90)
* दोनों तरफ: 145 (पहले 140)
बस/ट्रक
* एक तरफ: 325 (पहले 310)
* दोनों तरफ: 485 (पहले 470)
कोट करोड़ टोल प्लाजा (अमृतसर-तरनतारन-हरिके-फरीदकोट-बठिंडा, NH-15)
कार/जीप/हल्के वाहन (LMV)
* एक तरफ: 50 (पहले 45)
* दोनों तरफ: 70 (पहले 65)
बस/ट्रक:
* एक तरफ: 165 (पहले 160)
* दोनों तरफ: 250 (पहले 240)
लाडोवाल टोल प्लाजा (लुधियाना-जालंधर सेक्शन)
कार/जीप/हल्के वाहन (LMV)
* एक तरफ: 245 (पहले 240)
* दोनों तरफ: 370 (पहले 360)
वाहन चालकों पर पड़ेगा असर
टोल टैक्स बढ़ने से वाहन चालकों पर असर पड़ेगा। निजी कार चालकों को अब पहले से अधिक टोल टैक्स देना होगा। रोजाना सफर करने वाले यात्रियों की मासिक यात्रा लागत बढ़ेगी। ट्रांसपोर्ट कंपनियों और मालवाहक वाहनों के संचालन खर्च में इजाफा होगा। कई प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा पहले की तुलना में महंगी हो जाएगी।