September 2, 2026 13:41:42

52 दिन पहले मुख्यमंत्री अभी सिर्फ प्रोजेक्टों की घोषणा कर रहा हैः मजीठिया

कहा कि डेरा बाबा नानक में मुख्यमंत्री का दिखावे का दौरा उलटा पड़ा, क्योंकि वह राज्य सरकार द्वारा च�

अकाली नेता द्वारा प्रकाश पर्व जश्नों के दौरान गंभीरता दिखाने का आग्रह

Sep19,2019 | Yashpal sharma | ludhiana

ई न्यूज पजाब, चंडीगढ़ वरिष्ठ अकाली नेता तथा पूर्व कैबिनेट मंत्री सरदार बिक्रम सिंह मजीठिया ने आज कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह तथा उनकी टीम का डेरा बाबा नानक में दिखावे के दौरे का आज उलटा पड़ गया, क्योंकि इस अवसर पर शताब्दी समागमों में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे योगदान यां किसी प्रोजेक्ट के बारे बताने की बजाय उन्हे केंद्र सरकार के चल रहे प्रोजेक्टों के साथ ही फोटो खिचवानी पड़ी। उन्होने कहा कि पंजाब के लोग देखकर हैरान हो गए कि मुख्यमंत्री तथा उनके साथी आधी नींद में आंखे मलते हुए भारत सरकार द्वारा करतारपुर काॅरिडोर के कार्यों के तौर पर डेरा बाबा नानक में तथा इसके आसपास बुनियादी ढ़ांचे के विकास के लिए शुरू 500 करोड़ के प्रोजेक्टों के सामने तस्वीरें खिंचवा रहे थे। सरदार मजीठिया ने कहा कि मुख्यमंत्री तथा उनकी सरकार से इस शताब्दी समारोह के इस पवित्र तथा ऐतिहासिक अवसर पर अधिक प्रतिबद्धता तथा गंभीरता दिखाने की आशा रखी जाती है। उन्होने कहा कि यह एक ऐसा समय है, जब सरकारों तथा राजनेताओं को गंभीरता तथा संयम का प्रदर्शन करना चाहिए तथा तुच्छ शोहरत यां श्रेय लेने की फिजूल दौड़ से गुरेज करना चाहिए, खासतौर पर जब वह इसके हकदार न हों। उन्होने कहा कि हम राज्य सरकार द्वारा इस पवित्र अवसर पर उठाए गए तथा आवश्यक कदमों का स्वागत करेंगे। अब तक तो मुख्यमंत्री को अपनी सरकार द्वारा किए एक योगदान पर उंगली रखनी मुश्किल हो रही है, जिस पर वह गर्व कर सकता हो। अकाली नेता ने कहा कि आज के इस दौरे के समय मुख्यमंत्री परेशान सा लगता था तथा उसने अपनी सरकार की इस विफलता को अंतिम समय पर कुछ घोषणाएं करके छुपाने का प्रयास किया है। उन्होने कहा कि यह बात हर पंजाबी को बुरी लगी है कि इस सबसे पवित्र ऐतिहासिक समागमों में उनकी अपनी सरकार का योगदान अब तक बिल्कूल ही शून्य रहा है यां ऐसे कह सकते है कि न के बराबर ही रहा है। कोई भी पंजाबी इस बात पर गर्व नही कर सकता। पूर्व कैबिनेट मंत्री ने कहा कि इस पवित्र अवसर पर मुख्यमंत्री तथा उनकी टीम कम से कम इतना कर सकती थी कि एनडीए सरकार द्वारा करतारपुर काॅरिडोर के लिए शानदार प्रोजेक्टों के रूप में किए योगदान की ईमानदारी से प्रशंसा कर सकती थी। उन्होने कहा कि इनमें से ज्यादातर प्रोजेक्ट रिकाॅर्ड समय में पूरे किए गए हैं तथा इन्हे निश्चित समय पर संगतों के लिए खोल दिया जाएगा। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री को पंजाब के लोगों द्वारा एनडीए सरकार के इस कार्य की प्रशंसा करनी चाहिए थी,खासतौर पर जब वह स्वयं महसुस करता है कि उसकी सरकार ने शताब्दी समागमों में कोई योगदान नही किया है। उन्होने कहा कि पर अफसोस की बात है कि कांग्रेस पार्टी तथा इसकी सरकारों को बहादुर सिखों के लिए किए गए सकारात्मक कार्यों की तारीफ करने के लिए कभी भी एक शब्द मुंह से निकालना बहुत ही मुश्किल लगता है। उन्होने कहा कि इन कामों में एनडीए द्वारा 1984 कत्लेआम के दोषियों को सजा देने की प्रक्रिया शुरू करना, विदेशों में रहते सिखों की काली सूचियां समाप्त करना, श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व समागमों के लिए बढ़ चढ़कर येागदान देना तथा करतारपुर साहिब काॅरिडोर खोलना शामिल है। कांग्रेस ने इन सभी मुद्दों पर अपने मुंह बंद कर लिया है। सरदार मजीठिया ने कहा कि उन्हे व्यक्तिगत तौर पर मुख्यमंत्री की हालत देखकर बेहद बुरा लगा जोकि इस महान अवसर पर अपनी सरकार द्वारा अपनी सरकार का योगदान देखने के लिए इधर उधर देख रहे थे। उन्होने कहा कि यह वैश्विक तथा ऐतिहासिक 550वें प्रकाश पर्व समागम से सिर्फ 52 दिन पहले कैप्टन साहिब को यह जानकर अंदरूनी तौर पर बेहद निराशा हुई है कि उसके साथी तथा अधिकारी डेरा बाबा नानक में यां इसके आसपास पंजाब सरकार का एक भी ऐसा प्रोजेक्ट नही ढूंढ सके, जहां वह फोटो खिंचवा सकें तथा उस प्रोजेक्ट को अपनी सरकार के योगदान तथा महान गुरु साहिब के लिए श्रद्धांजलि के तौर पर दिखा सकते। सरदार मजीठिया ने कहा कि मुख्मंत्री का यह दौरा पूरी तरह फॅलाप साबित हुआ, क्योंकि गुरु साहिब कभी भी पाखंड तथा अवसरवादिता तथा झूठा श्रेय लेने के लिए लड़ाईयों को मान्यता नही देते। यह दौरा मुख्यमंत्री को उलटा पड़ गया, क्योंकि अब तक कैप्टन सरकार का करतारपुर साहिब काॅरिडोर के साथ संबधित प्रोजेक्टों के लिए योगदान शून्य रहा है। यही कारण है कि मुख्यमंत्री को आज जल्दबाजी में 75 करोड़ रूपए के नकली प्रोजेक्टों की घोषणा करनी पड़ी है जबकि सच्चाई यह है कि 7 सप्ताहों से इन प्रोजेक्टों को पूरा करना असंभव है, जिनमें इस अवसर की पवित्रता तथा अहमियत को देखते हुए मुख्य जगह तक अच्छी सड़कों का निर्माण करना भी शामिल है। सरदार मजीठिया ने कहा कि सच्चाई यह है कि पंजाब सरकार ने इन समागमों के दौरान तथा समागमों के बाद दुनिया भर से बड़ी गिनती में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्राथमिक सुविधाओं का इंतजाम करने के अपने संवैधानिक कर्तव्य को भी नही निभाया है। अकाली नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री तथा उनकी टीम शर्मिंदगी से बच सकती थी, यदि उन्होने ईमानदारी से स्वीकार किया होता कि वह महान गुरु साहिब को श्रद्धांजलि के रूप में एनडीए सरकार द्वारा शुरू किए प्रोजेक्टों को देखने के लिए ही आए हैं। उन्होने कहा कि मेरा व्यक्तिगत विचार यह है कि यदि पंजाब सरकार ने शताब्दी समागमों में कोई योगदान डाला होता तो मुख्यमंत्री इसका श्रेय लेने का हकदार था। यदि उन्होने कोई उल्लेखनीय योगदान डाला होता तो मैने भी इसकी तहे दिल से तारीफ करनी थी। परंतु मुख्यमंत्री स्वयं पंजाब सरकार को कोई एक ऐसा अहम प्रोजेक्ट नही ढ़ूंढ़ सका, जिसका वह श्रेय ले सके। यह उसके लिए दिल टूटने वाली घड़ी रही होगी, जिसके कारण उसने शीघ्रता से 75 हजार करोड़ रूपए की घोषणा कर दी।सरदार मजीठिया ने कहा कि मुख्यमंत्री ने जितने भी प्रोजेक्ट देखे, जिनमें सड़कों को नेटवर्क से लेकर इंटिग्रेटिड चेकपोस्ट, संपर्क केंद्र तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधा केंद्र आदि शामिल हैं, यह सभी भारत सरकार द्वारा बनाए जा रहे हैं तथा रोजाना इनकी प्रगति की रिपोर्ट ली जा रही है। दूसरी तरफ कैप्टन साहिब तथा उनकी टीम मुख्य समागम से कुछ सप्ताह पहले एकदम आसमान से टपककर चल रहे कार्यों का जायजा लेने का ढ़ोंग कर रहे हैं। उन्होने कहा कि जिस प्रोजेक्ट की सारी योजना, फंडिग तथा निर्माण भारत सरकार द्वारा किया जा रहा है, तुम ऐसे प्रोजेक्ट की निगरानी कैसे कर सकते हो?

bikramjeet singh majhtia




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