पंजाब। जालंधर के रहने वाले पूर्व क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह भज्जी को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने झटका दिया है। कोर्ट ने उनकी पंजाब पुलिस की सुरक्षा बहाली की याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि रिकॉर्ड के आधार पर यह नहीं कहा जा सकता कि उनकी सुरक्षा अचानक इसलिए वापस ली गई, क्योंकि उन्होंने आम आदमी पार्टी छोड़ी थी। हाईकोर्ट ने माना कि सुरक्षा हटाने का निर्णय सुरक्षा समीक्षा समिति द्वारा पहले ही ले लिया गया था। इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि केवल घर के बाहर प्रदर्शन होना या गद्दार कहे जाना से अपने आप में जान के लिए खतरा साबित नहीं करता, विशेषकर तब जब प्रदर्शन हिंसक न रहा हो। हाईकोर्ट ने केंद्र से मिली Y+ सुरक्षा और राज्य सरकार द्वारा पंजाब आगमन पर स्थानीय सुरक्षा देने के आश्वासन को ध्यान में रखते हुए, बिना किसी अन्य निर्देश के याचिका का निपटारा कर दिया। गौरतलब है किे भज्जी ने 24 अप्रैल को AAP को छोड़ दिया था, इसके अगले ही दिन 25 अप्रैल को पंजाब पुलिस ने उनकी सुरक्षा वापस ले ली गई। वे राघव चड्डा के साथ BJP में शामिल हो गए। बाद में उन्हें संसद ने BJP को सांसद बनाने की मंजूरी दे दी।
पार्टी छोड़ने पर अचानक सुरक्षा हटाई
हरभजन सिंह भज्जी के वकील ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में दायर याचिका में कहा कि वे पंजाब से राज्यसभा सांसद हैं। आम आदमी पार्टी में रहते हुए उन्हें करीब 25 पुलिसकर्मियों की सुरक्षा मिली हुई थी। उन्होंने 24 अप्रैल को पार्टी छोड़ दी थी, लेकिन इसके अगले ही दिन 25 अप्रैल को पंजाब पुलिस ने उनकी सुरक्षा वापस ले ली।
फैसला बिना किसी सुरक्षा समीक्षा के लिया
याचिका में उन्होंने कहा कि सुरक्षा वापस लेने का फैसला बिना किसी सुरक्षा समीक्षा (रिव्यू) और बिना उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर दिए लिया गया। उन्होंने यह भी बताया कि जालंधर स्थित उनके घर के बाहर प्रदर्शन किया गया और उन्हें 'गद्दार' बताने वाले पोस्टर लगाए गए। ऐसे हालात में उनकी सुरक्षा को वास्तविक खतरा है, इसलिए सुरक्षा बहाल की जानी चाहिए।