चंडीगढ़। अमेरिका के 50 फीसदी टैरिफ वॉर से पंजाब की इंडस्ट्री को 30 हजार करोड़ का नुकसान होगा। इसका असर भी दिखना शुरू हो गया है। कई इंडस्ट्रियलिस्ट के ऑर्डर रुक गए हैं। टैरिफ के कारण पंजाब के 7 इंडस्ट्रियल सेक्टर का ही अकेले 20 हजार करोड़ रुपए का नुकसान है। इनमें कपड़ा, मशीन टूल्स, फास्टनर्स, ऑटो पार्ट्स, खेल और लेदर, खेती उपकरण इंडस्ट्री शामिल है। इन उद्योगों से जुड़े उद्योगपतियों ने कहा कि अमेरिका के भारत पर बढ़ाए टैरिफ का फायदा पड़ोसी देश पाकिस्तान, बांग्लादेश और चीन को होगा। पंजाब की सबसे बड़ी खेल इंडस्ट्री एएम इंटरनेशनल के मालिक मुकुल वर्मा के अनुसार अमेरिका खेल प्रोडक्ट के लिए बड़ा बाजार है। इस मुश्किल घड़ी में अब केंद्र सरकार को कदम उठाने चाहिए। पंजाब हर साल लगभग 54 हजार करोड़ रुपए का निर्यात करता है, जिसमें 20 हजार करोड़ रुपए का हिस्सा अमेरिका को जाता है। टैरिफ के चलते कई क्लाइंट्स ने ऑर्डर होल्ड कर दिए हैं।
सबसे ज्यादा असर कपड़ा तो सबसे कम कृषि इंडस्ट्री पर
अमेरिका के टैरिफ वॉर का सबसे ज्यादा असर पंजाब के कपड़ा उद्योग पर होता दिख रहा है। पंजाब के लुधियाना में हौजरी का सबसे ज्यादा कारोबार है। यहां के इंडस्ट्रियलिस्ट ने कपड़ा उद्योग को बढ़े टैरिफ से 8 हजार करोड़ रुपए का नुकसान होने का अनुमान लगाया है। सबसे कम नुकसान कृषि उपकरण बनाने वाली इंडस्ट्री को 200 करोड़ का है। गुलाब डाइंग इंडस्ट्री के मालिक राहुल वर्मा ने बताया कि लुधियाना शहर में 300 के करीब डाइंग इंडस्ट्री है। कपड़ा उद्योग की करीब 2000 यूनिट हैं। अकेले भारत को ही नहीं बल्कि अमेरिका को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।