ई न्यूज पंजाब, लुधियाना जिस नकली करंसी का हवाला देते हुए मोदी सरकार की ओर से नोटबंदी जैसा सख्त कदम उठाया गया था, अब इसी नकली नोटों के बढ़ते ग्राफ ने आरबीआई की मुशिकलों में बढ़ा इजाफा कर दिया है। ये नकली नोट केवल 500 व 2000 रुपए के रुप में नहीं नहीं, बल्कि दस, बीस, पचास, सौ, दौ रुपए में भी जमकर आ रहे है। ऐसे में आरबीआई के साथ साथ आंखें मूंद कर नई करंसी जेब में डालने वाली आम पब्लिक को भी सावधान रहना पडे़गा। मजबूत सुरक्षा उपायों के बावजूद देश में बीते दो साल में नकली नोटों की संख्या 10 गुना से ज्यादा बढ़ गई है। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा 2017-18 और 2018-19 में नकली नोटों संख्या जारी की है जिसमें इसका खुलासा हुआ है। नोटबंदी के बाद 2016-17 से लेकर 2018-19 के बीच भारतीय करंसी का रूप पूरी तरह से बदल दिया गया है। फिर भी नकली नोटों की संख्या में साल-दर-साल इजाफा हो रहा है। पिछले दो सालों में नकली नोटों का सबसे बड़ा इजाफा 200 रुपए के नोटों में आया है और ये इजाफा पिछले दो सालो के मुकाबले करीब 160 फीसदी का है। वहीं दो हजार रुपए के नोटों में ये इजाफा 22 फीसदी का रहा है। -10, 20 के नोट भी नकली ....... गंभीर बात ये है कि 10, 20 और 50 के नोट भी नकली आने लगे हैं और इनकी संख्या बढ़ रही है। रिजर्व बैंक की रिपोर्ट कहती है केवल एक साल में 10, 20, और 50 रुपये में पाए गए जाली नोटों में क्रमश 20.2, 87.2 और 57.3% की बढ़ोतरी हो गई। दो साल पीछे जाएं तो छोटी करेंसी में नकली नोटों की संख्या चार गुना तक बढ़ गई। -100 के नोट ज्यादा जाली ...... वर्ष 2017 में बैंकों ने 50 रुपये के 9222 नोट नकली पकड़े थे। वर्ष 2019 में ये संख्या 36875 हो गई। 100 रुपये के जाली नोटों में 7.5% की कमी आई है। इस कमी के बाद भी एक साल में 2.20 लाख नकली नोट सौ के ही पकड़े गए। इससे साफ है कि बाजार में सबसे ज्यादा 100 रुपये के नकली नोट घूम रहे हैं। -200 रुपये के नकली नोटों में 160 गुना का इजाफा...... 2018 में 200 रुपये के 79 जाली नोट पकड़े गए थे, जबकि इस साल इनकी संख्या 12,728 हो गई। यानी एक साल में 200 रुपये की नकली करेंसी में 160 गुना इजाफा हुआ। -500 रुपये के नकली नोट 121 फीसदी बढ़े....... एक साल में 500 के नकली नोटों में 121% की बढ़ोतरी हुई है। 2016-17 में 500 के जाली नोट केवल 199 मिले थे। 2018-19 में यह संख्या 22 हजार पहुंच गई