ई न्यूज पंजाब, लुधियाना परम पूज्य संत शिरोमणी श्री स्वामी सत्यानन्द जी महाराज की असीम कृपा से परम पूज्य भक्त श्री हंसराज जी महाराज (बड़े पिता जी) के आशीर्वाद से पूज्य श्री कृष्ण जी महाराज (पिता जी) एवं पूज्य माँ रेखा जी महाराज की अध्यक्षता में रामायण-ज्ञान-यज्ञ का शुभ आरम्भ ऋषि नगर लुधियाना स्थित भव्य पंडाल में हर्षोल्लास से शंख नाद व भक्ति भावना के साथ शुभ आरम्भ हुआ। पूजनीय श्री कृष्ण जी महाराज जी (पिता जी) एवं पूजनीय रेखा जी (माँ जी)ने परम पूजनीय बड़े पिता जी महाराज को श्रद्धा सुमन अर्पित किये और सभी साधकों को बधाई दी।परम आदरणीय श्री कृष्ण जी महाराज ने ब्रह्मलीन पूज्य श्री बड़े पिता जी महाराज की सूक्ष्म उपस्थिति में रामायण ज्ञान यज्ञ, जप यज्ञ और सेवा के यज्ञ का शुभ आरम्भ किया। मंगलाचरण के पाठ से श्री रामायण जी के पाठ का शुभ आरम्भ हुआ। आदरणीय पिता जी महाराज ने कहा कि स्वामी जी महाराज ने रामायण जी शुरू करने से पहले परम गुरु श्री राम का आशीर्वाद मांगा है। रामायण जी का पाठ श्री रामचंद्र जी के दर्न करने के समान है। रामायण को मंदिर समझ कर इस का परायण करना चाहिए। यदि राम जी के दर्शन करने हैं तो रामायण जी के ग्रन्थ के पाठ से बड़ी सरलता से हो सकते हैं। राम कथा तीर्थ त्रिवेणी, शांति शरण मुद मंगल देनी।पतित पावनी पाप हारिणी,ताप शाप हरी जगत तारिणी।। रामायण जी में से बाल काण्ड का आरंभ करते हुए पिता जी ने कहा कि सभी व्रतियों के व्रत पूरे हों। भय , संशय एवं वहमों से दूर रहना है।नत शिर दो कर जोड़कर,माँगू मैं वरदान।चारु चरित रघुराज का,सब का करे कल्याण। उन्हों ने उपस्थित साधको को आशीर्वाद देते हुए सभी के सुख और समृद्धि की कामना की जप यज्ञज्ञान यज्ञ व सेवा यज्ञ के शुभ आरंभ की सभी को हार्दिक बधाई दी