नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कोर्ट ने बड़ा झटका दिया है। ट्रंप के टैरिफ को फेडरल ट्रेड कोर्ट ने असंवैधानिक करार देते हुए रोक लगा दी है। कोर्ट ने साफ कहा कि ट्रंप ने अपनी शक्तियों का दुरुपयोग किया और संविधान के दायरे से बाहर जाकर ये टैरिफ लगाने की कोशिश की। मैनहट्टन की फेडरल कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड ने ट्रंप के इस कदम को गैर-कानूनी ठहराया। कोर्ट के तीन जजों की बेंच ने कहा कि ट्रंप ने इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) का गलत इस्तेमाल किया। ये कानून राष्ट्रपति को आपातकाल में कुछ खास शक्तियां देता है, लेकिन कोर्ट ने माना कि ट्रंप ने इसे बिना ठोस आधार के इस्तेमाल किया। लिबर्टी जस्टिस सेंटर ने 5 छोटे अमेरिकी बिजनेसेज की ओर से मुकदमा दायर किया, जो इन टैरिफ की वजह से प्रभावित हो रहे थे। इसके साथ ही 12 अमेरिकी आयातकों ने भी कोर्ट में याचिका दायर की थी।
छोटे व्यवसायों को हो रहा भारी नुकसान
इन दोनों ने तर्क दिया कि टैरिफ से छोटे व्यवसायों को भारी नुकसान हो रहा है, क्योंकि आयातित सामान की कीमत बढ़ने से उनकी लागत बढ़ रही थी। कोर्ट ने इन दलीलों को सही माना और कहा कि राष्ट्रपति के पास इतने बड़े पैमाने पर टैरिफ लगाने का संवैधानिक अधिकार नहीं है। वहीं ट्रम्प प्रशासन ने इस फैसले के खिलाफ तुरंत अपील करने की बात कही है। ट्रम्प ने अपनी सोशल मीडिया साइट पर दावा किया कि उनकी टैरिफ नीति “अमेरिका को फिर से महान बनाने” के लिए जरूरी थी।
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