यशपाल शर्मा, लुधियाना
लुधियाना का दयानंद मेडिकल कॉलेज एवं और हॉस्पिटल (डीएमसीएंडएच) नए विवादों में घिरता दिखाई दे रहा है। यह नया विवाद डीएमसी हॉस्पिटल की ओर से अपने डिस्चार्ज को सीवरेज में बाईपास किए जाने को लेकर खड़ा हुआ है। आपको बता दें डीएमसी हॉस्पिटल नॉर्थ इंडिया के पहले 5 हॉस्पिटलों में शुमार है, लेकिन अस्पताल मैनेजमेंट की इस गैर- जिम्मेदारना हरकत ने सभी को शर्मसार कर दिया है। इस मामले में पंजाब पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की ओर से डीएमसी हॉस्पिटल को नोटिस तक जारी कर दिया है। आपको बता दे यह मामला एक सप्ताह पहले का है। सूत्र बताते हैं कि पीपीसीबी का एक अधिकारी अपने किसी रिश्तेदार के मेडिकल चेकअप को हॉस्पिटल किया था तो उसकी नजर इस बाईपास पर पड़ी। जिसके बाद पीपीसीबी की ओर से मौके पर चेकिंग को टीम भेजी गई और इस टीम ने पार्किंग के नजदीक बने ट्रीटमेंट यूनिट से सीधे एक पाइप सीवरेज में बाइपास करते पकड़ ली।
आपको बता दे डीएमसी हॉस्पिटल पहले से कई तरह की विवादों में घिरा हुआ है। पुराना डीएमसी यानि दैनिक दयानंद मेडिकल कॉलेज इंस्टिट्यूट भी वाॅटर और एयर की कंसेंट के बिना कई सालों से सेटिंग के जरिए चलाया जा रहा था। लेकिन ई न्यूज पंजाब की ओर से इस पूरे मामले का खुलासा किए जाने के बाद बोर्ड हरकत में आया और डीएमसी मैनेजमेंट को शो को नोटिस जारी किया गया। इस विवाद में डीएमसी के सीनियर डाक्टरों तक को पीपीसीबी के चक्कर काटने पड़े थे और अब भी मैनेजमेंट के सदस्य उक्त मामले में पीपीसीबी की हेयरिंग में अपना जबाव बराबर दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर डीएमसी हॉस्पिटल की चारदीवारी में बने कैंसर हॉस्पिटल को लेकर भी बड़े विवाद पिछले लंबे समय से खिंचा चला आ रहा है। आपको बता दें कि डीएमसी प्रबंधन की ओर से कैंसर हॉस्पिटल के निर्माण से पहले एनवायरमेंट क्लीयरेंस नहीं ली गई। जिसके चलते अस्पताल मौजूदा समय में बड़ी मुश्किलों में उलझा हुआ है। इस मामले में चतुराई दिखाते हुए डीएमसी हॉस्पिटल की ओर से एनवायरमेंट क्लीयरेंस लेने को कई अहम तथ्य छुपाते हुए नॉन वायलेशन में अपना केस फाइल भी किया लेकिन इसके बावजूद ये विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। असल में डीएसमी ने पहले से यह केस वायलेशन में आवेदन किया था, लेकिन अब इस केस में कईं अहम बातें छिपा कर इसे नॉन वायलेशन में अप्लाई किए जाने से नई मुश्किलें मैनेजमेंट के लिए खड़ी हो गई है। मामला पेचीदा होता देख इस केस को दिल्ली रेफर कर दिया गया है। यही कारण है कि डीएमसी अस्पताल में पार्किंग की बड़ी समस्या होने के बावजूद यहां पर एक भी ईंट नहीं लग पा रही है।
मामला सुलझाने को आप नेता की शरण में डीएमसी मैनेजमेंट
बताया जाता है कि अनट्रीटेड वाटर को सीवरेज में बाईपास करने के विवाद से बाहर निकलने को डीएमसी मैनेजमेंट एक आप नेता की शरण में चली गई है। बताया जाता है कि जैसे ही पीपीसीबी अफसरों ने इस बाईपास को पकड़ा तो ही मैनेजमेंट के एक अधिकारी का फोन आप नेता के मोबाइल पर चला गया और उन्हें इस विवाद की पूरी जानकारी दी गई। बताया जाता है कि आप नेता की ओर से इस विवाद को सुलझाने का भरोसा तक दे दिया गया है।जब पीपीसीबी ने यह बाईपास पड़ा तो तभी इसका पानी का सैंपल भी बोर्ड की ओर से लिया गया। बताया जाता है कि इस नेता की पहली कोशिश इस सैंपल को पास करवाना रहेगा और प्रयास लगाए जा रहे हैं कि यह सैंपल पास भी करवा लिया जाए। इस पूरे विवाद में कुछ बोर्ड के मेंबर भी अस्पताल की मदद में जुटे हुए हैं। जिनमें एक मेंबर कुछ महीनों पहले डीएमसी अस्पताल में भर्ती भी रहा था और उसका इलाज भी फ्री किए जाने की चर्चा है।
स्थानीय निवासियों को भी आ रही थी शिकायतें
आपको बता दें कि डीएमसी हॉस्पिटल का ट्रीटमेंट प्लांट इमरजेंसी के नजदीक पार्किंग के साथ ही लगा हुआ है और इसका स्टोरेज टैंक फुल होने से इसकी स्लज ओवरफ्लो होकर बाहर गिर रही थी। जिसके चलते इसी के साथ लगती सड़क पर भी यह पानी व स्लज आ रही थी। जिसके चलते स्थानीय दुकानदारों को भी मुश्किलें आ रही थी और उनकी ओर से भी प्रबंधन को इसकी शिकायत की जा रही थी। वही
इस बारे में पंजाब पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के चीफ इंजीनियर आर के रत्तड़ा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि डीएमसी हॉस्पिटल को इस मामले में नोटिस सर्व कर दिया गया है और जल्द ही उनकी इस मामले में हियरिंग भी की जानी है।
-Dmc-Hospital-Embroiled-In-New-Controversy-Ppcb-Issues-Notice-In-Discharge-Bypass-Case