लुधियाना। साउथ सिटी रोड पर जैनपुर में स्थित श्रमण जी वाटिका टाउनशिप द्वारा अब अपनी प्रॉपर्टी नहीं बेची जा सकेगी। लुधियाना की जिला कोर्ट द्वारा इस पर रोक लगा दी गई है। जीके अरोड़ा बिल्डर्स एंड डवेलपर्स की और से डवेलप की गई श्रमण जी वाटिका टाउनशिप की और से लोगों को इललीगल तरीके से प्लॉट बेचने के आरोप लगे है। जिसके चलते यह मामला कोर्ट में पहुंचा, जिसके चलते कोर्ट द्वारा सबूतों के आभाव पर ऑर्डर जारी कर दिए हैं। वहीं श्रमण जी वाटिका टाउनशिप के डवेलपर करण अरोड़ा पर पहले भी श्रमण जी वाटिका टाउनशिप में जमीनें बेचकर ठगी मारने के आरोप में मामले दर्ज हुए हैं। जिसमें वे जेल भी जा चुका है। जिसके बाद अब यह एक नया मामला सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक करण अरोड़ा द्वारा कई लोगों के साथ ठगी की गई है। किसी की जमीन कई जगह बेच दी तो किसी को गलियों का रकबा दे डाला। यहां तक कि कोर्ट पहुंचे पीड़ित का यह आरोप है कि उसने श्रमणजी वाटिका टाउनशिप में जमीन खरीदी। उसकी जमीन को ही आगे कई लोगों को बेच डाला। जिसमें तहसीलों के अफसर भी शामिल है। पीड़ित का आरोप है कि श्रमणजी वाटिका टाउनशिप खेतीबाड़ी लैंड है। लेकिन जबरन वहां पर कॉलोनी बना दी गई। फिर ग्लाडा और तहसील अधिकारियों के साथ मिलकर प्लॉट बेच डाले। अब उन्हीं प्लॉटों को खरीदने वाले लोगों द्वारा ठगी की शिकायतें दी जा रही है।
Now-Sharman-Ji-Vatika-Township-Will-Not-Be-Able-To-Sell-The-Property-Court-Has-Imposed-A-Ban-Developer-Karan-Arora-Has-Already-Been-Booked-In-Fraud-Cases