लुधियाना। लुधियाना के नगर निगम में करप्शन रुकने का नाम ही नहीं ले रही है। अभी भी अवैध इमारतें बनाने के लिए करप्शन का खेल बरकरार है। एक नया मामला पक्खोवाल रोड स्थित फुल्लावाल चौक के पास पेट्रोल पंप के पीछे पड़ते ब्लॉक-28 का सामने आया है। जहां पर नगर निगम से रिहायशी नक्शा पास होने के बावजूद तीन मंजिलां होटल तैयार कर दिया गया है। चर्चा है कि यह होटल निगम के कई अफसरों की मिलीभगत के बाद तैयार हुआ है। जिसमें लाखों रुपए रिश्वत भी दी गई है। इस संबंध में आरटीआई एक्टिविस्ट रवि कुमार की और से नगर निगम कमिश्नर आदित्य डेचलवाल को शिकायत दी है। रवि कुमार की और से इस होटल के निर्माण में एमटीपी रणजीत सिंह, इंस्पेक्टर नवदीप खोखर, इंस्पेक्टर रविंदर वालिया पर सीधे तौर पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि इन अफसरों द्वारा मोटी रिश्वत लेकर यह होटल का निर्माण कराया है। जबकि नियमों के मुताबिक यह होटल बन ही नहीं सकता था। लेकिन फिर भी अफसरों ने रिश्वत लेकर इसे तैयार करवा डाला। चर्चा है कि इस होटल के निर्माण में करीब 9 से 10 लाख रुपए की रिश्वत अफसरों को दी गई है।
नियमों के मुताबिक बन ही नहीं सकता होटल
जानकारी के अनुसार पहली बात तो यह है कि जिस जमीन पर होटल बनाया गया है, उसका रिहायशी नक्शा पास है। यानि कि वहां पर सिर्फ घर बनाया जा सकता था। लेकिन फिर भी कमर्शियल निर्माण हुआ। इसके अलावा जिस सड़क पर यह होटल बना, वे सिर्फ 25 फीट चौड़ी है। वहीं जिस इलाके में यह बिल्डिंग बनी है, वहां पर सिर्फ घर बन सकते हैं। मगर अफसरों ने अपनी जेब भरने के चक्कर में वहां होटल बनवा दिया। वहीं अफसर अपने घर भरने के चक्कर में शहर का नक्शा खराब करने में जुटे हुए हैं।
हीरो बेकरी मामले में भी विजिलेंस को दी गलत रिपोर्ट
नगर निगम के अफसरों द्वारा हीरो बेकरी मामले में भी विजिलेंस को गलत रिपोर्ट देकर मालिक को बचाने का प्रयास किया गया है। दरअसल, निगम अफसरों द्वारा हीरो बेकरी के किए गए चालाकों की रिपोर्ट गलत पेश की है, ताकि किसी तरीके से बेकरी मालिक का बचाव हो सके। बता दें कि निगम द्वारा पहले 2022 में हीरो बेकरी की बिल्डिंग का पक्खोवाल रोड की तरफ से चालान करके जुर्माना वसूला गया था। फिर 2023 में मल्हार रोड की तरफ का चालान किया। लेकिन उसमें जुर्माना वसूली नहीं की। जिसमें इंस्पेक्टर का कहना है कि उन्होंने 2022 में ही चालान करके जुर्माना ले लिया था। इंस्पेक्टर द्वारा दोनों चालानों को मिक्स करके गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है।
निगम कमिश्नर पर भी लग चुके करप्शन के आरोप
वहीं इससे पहले नगर निगम कमिश्नर पर भी करप्शन के आरोप लग चुके हैं। दरअसल, एसई संजय कंवर को कमीशन मांगने के आरोप में विजिलेंस ने गिरफ्तार किया था। तब एसई ने कहा था कि उसने बड़े साहब को भी हिस्सा देना है। यानि कि कमिश्नर को बड़े साहब कहकर बुलाया गया। हैरानी की बात तो यह है कि एसई लेवल के अधिकारी के करप्शन में फंसने के बाद भी नगर निगम में यह रिश्वतखोरी बंद नहीं हो पा रही है।
Corruption-Continues-In-The-Municipal-Corporation-A-Three-Storey-Hotel-Has-Been-Built-On-A-Residential-Map