पंजाब। बठिंडा में तख्त श्री दमदमा साहिब पर श्री अकाल तख्त साहिब से धार्मिक सेवा करने के चरण के तहत पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पहुंच गए हैं और उन्होंने तख्त साहिब के दाखिला गेट पर सेवादार के रूप में सेवा संभाली है। उनके हाथ में बरछा है, चारों ओर सुरक्षा के कड़े इंतजाम नजर आ रहे हैं। श्री अकाल तख्त साहिब के सिंह साहिब द्वारा लगाई सेवा इस से पहले श्री अकाल तख्त साहिब में 2 दिन सेवा की, उसके बाद केसगढ़ साहिब 2 दिन सेवा की, तो आज तख्त श्री दमदमा साहिब में पहुंचे है। पुलिस द्वारा कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए है।
एसजीपीसी ने की मीटिंग
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) अंतरिम कमेटी की बैठक में सुखबीर सिंह बादल पर हमला करने वाला नारायण सिंह चौड़ा को पंथ से छेकने (पंथ निकाला) की मांग रख दी है। बैठक के बाद एसजीपीसी प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने पुलिस के रवैये को नकारात्मक बताया। उन्होंने कमेटी बना कर आदेश दिया है पूरे षडयंत्र की 3 हफ्ते में जांच रिपोर्ट पेश की जाए। एडवोकेट धामी ने कहा कि नारायण सिंह चौड़ा ने सुखबीर सिंह बादल पर हमला किया, ये निंदनीय है। कमेटी ने फैसला किया कि नारायण सिंह चौड़ा को पंथ से छेक दिया जाए। इस हमले के साथ गोल्डन टेंपल की डियोढी पर गोली लगी है। ये श्री अकाल तख्त साहिब की तौहीन है। अंतरिम कमेटी महसूस करती है कि संगत में डर का माहौल पैदा हुआ है। अंतरिम कमेटी ये भी महसूस करती है कि ये एक छिपी हुई साजिश का नतीजा है। इसलिए अन्य दोषियों की पहचान के लिए मामले की जांच करनी चाहिए। इसलिए एक कमेटी बनाई गई है, जो तीन हफ्ते में अपनी रिपोर्ट पेश करें। इस कमेटी के कोआर्डिनेटर प्रताप सिंह होंगे।
पुलिस का रवैया रहा नेगेटिव
एडवोकेट धामी ने कहा कि इस जांच के दो पक्ष है। सरकार का पक्ष नाकारात्मक रहा है। एक व्यक्ति जो 20 साल से सरकार में सेवा निभा रहा है, वे पारिवारिक बन जाता है। उसकी सतर्कता ने घटना रोक ली। सरकार इसे पुलिस की मुस्तैदी बता रही है। वहीं दूसरी तरफ पुलिस कमिश्नर का बयान आता है कि ये सिंपथी के लिए तो नहीं किया गया। यही कारण है कि एसजीपीसी अपने स्तर पर जांच करना चाहती है।
Sukhbir-Singh-Badal-Reached-Takht-Damdama-Sahib-In-Bathinda-Took-Over-Service-As-Gate-Sevadar-Sgpc-Demanded-To-Expel-Terrorist-Chauda-From-The-Sect