जिला प्रशासन की ओर से जारी चुनावी आंकड़ों के मुताबिक अभी तक कोई भी पार्टी निगम सदन बनाने में कामयाब होती दिखाई नहीं दे रही है। आम आदमी पार्टी निगम सदन बनाने के जुदाई आंकडे़ से चार से पांच सीटें पीछे बताई जा रही है। जबकि कांग्रेस 30 के आसपास, भाजपा 20, शिअद 2 और आजाद के तीन उम्मीदवार अभी तक चुनाव जीत चुके हैं। अभी आधा दर्जन वार्डों के नतीजें पेंडिंग बताए जा रहे हैं, जो कुछ ही देरी में सामने आ जाएंगे। लेकिन इस बार भी पिछली बार की तरह चुनावी नतीजे बेहद दिलचस्प रहे हैं। आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों ने सबसे अधिक वोट से जीतने व सबसे अधिक वोट से हारने का कीर्तिमान इस बार नगर निगम के चुनाव में बनाया है। वार्ड नंबर 42 से आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार कुलदीप सिंह पनेंसर कांग्रेस के उम्मीदवार जगमीत सिंह से मात्र 3 वोट से चुनाव हार गए। जबकि वार्ड नंबर 5 से आप के उम्मीदवार लखविंदर चौधरी ने कांग्रेस की अंजू जुनेजा को 4465 वोटों से हराया। जबकि कांग्रेस से महाराज सिंह राजी की पत्नी नवदीप कौर ने रजनी रविंदर अरोड़ा को 3164 वोट से सबसे बडे़ मार्जिन से हराया। जबकि वार्ड नंबर 58 से कांग्रेस के उम्मीदवार सुनील कपूर आम आदमी पार्टी के सतनाम सिंह से मात्र 35 वोट से हार गए। जबकि साउथ विधानसभा में शिअद नेता जसपाल सिंह ग्यासपुरा भी अपना गढ़ नहीं बचा पाए, उन्हें भाजपा के प्रवासी नेता राजेश मिश्रा ने 126 वोट से चुनाव में मात दे दी। इतना ही नहीं वार्ड नंबर 61 से आम आदमी पार्टी के विधायक गुरप्रीत गोगी की पत्नी सुखचैन बस्सी कांग्रेस की उम्मीदवार परविंदर कौर से मात्र 86 वोट से चुनाव हारी। जबकि पूर्व कैबिनेट मंत्री आशू की पत्नी ममता आशू वार्ड नंबर 60 में कांग्रेस उम्मीदवार गुरप्रीत सिंह बब्बल से 168 वोट से चुनावी मात खा गई। जबकि वार्ड नंबर 77 से आप विधायक अशोक पराशर पप्पी की पत्नी मीनू रानी भाजपा की उम्मीदवार पूनम रत्तड़ा से 574 वोट के अंतर से चुनाव हारी।
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