चंडीगढ़। पंजाब के सरकारी अस्पतालों में बिजली आपूर्ति और अग्नि सुरक्षा का ऑडिट किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की उच्च स्तरीय बैठक में यह फैसला लिया गया है। वहीं, पीएसपीसीएल जो भी अस्पताल संभव होगा, वहां बिजली के लिए वैकल्पिक हॉटलाइन की व्यवस्था करेगा। ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। इस काम में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और जिला अधिकारी अहम भूमिका निभाएंगे। स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह ने बताया कि ऑडिट के लिए राज्य स्तर पर डीएचएस, डीएमआरई, बीएंडआर के चीफ इंजीनियर, पीएसपीसीएल के डायरेक्टर डिस्ट्रीब्यूशन की कमेटी और जिला स्तर पर पीएसपीसीएल के एक्सईएन और बीएंडआर के एक्सईएन की कमेटी बनाई जाएगी। कमेटियां बनाकर अस्पतालों का ऑडिट किया जाएगा। ऑपरेशन थियेटर, लेबर रूम और क्रिटिकल इलाकों में छह से सात घंटे का जनरेटर बैकअप दिया जाएगा।
बिजली गुल होने के दो मामले सामने आए
स्वास्थ्य विभाग की ओर से यह फैसला तब लिया गया है, जब पटियाला के राजिंदरा अस्पताल में बिजली गुल होने की समस्या आई थी। जिस समय बिजली गुल हुई, उस समय एक व्यक्ति का ऑपरेशन चल रहा था। एक डॉक्टर ने वीडियो बनाकर वायरल कर दिया था। डॉक्टर ने उस समय सवाल उठाया था कि अगर ऐसी स्थिति में मरीज की मौत हो जाती है, तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। जबकि दूसरा मामला गुरदासपुर जिला अस्पताल में सामने आया। वहीं विपक्ष भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठा रहा है।
Government-Woke-Up-To-Power-Failure-During-Operation-In-Rajindra-Hospital-Orders-To-Arrange-Alternative-Hotline