लुधियाना। शनिवार पीएयू में आयोजित किसान मिलनी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान पहुंचे और किसानों से वार्ता की। सीएम भगवंत सिंह मान ने कहा कि गेहूं रखने की कोई दिक्कत नहीं है। किसानों को आधा गेहूं तो घर पर ही रखना होता है। गेहूं उठाने की भी कोई दिक्कत नहीं है। यूक्रेन में जंग के कारण पूरे देश में इस बार गेहूं की बहुत डिमांड है। मान ने कहा कि मैंने केंद्र सरकार से साफ तौर पर कह दिया था कि हम गेहूं इस बार नहीं देंगे, क्योंकि गेहूं लेते समय केंद्र सरकार काफी ड्रामेबाजी करती है। लेकिन अब केंद्र हर तरह के गेहूं लेने के लिए तैयार है। पंजाब देशभर में सबसे अधिक 125 लाख मीट्रिक टन गेहूं पैदा करके देश का पेट भरता है। मान ने कहा कि स्पष्ट तौर पर कह दिया है कि गाड़ी खड़ी होते ही हमारा गेहूं तुल जाना चाहिए। पहली सरकारों के समय में कृषि विज्ञान की यूनिवर्सिटी ही उनके लिए बोझ बन गई थी। वैज्ञानिकों को वेतन तक नहीं दिया जाता था, लेकिन अब सभी को वेतन भी मिल रहा है और विज्ञान की दुनिया में प्रोफेसर और वैज्ञानिक खोज भी कर रहे है। कृषि जब तक संगठनात्मक तौर पर मजबूत नहीं होती, तब तक कैसे बेहतर काम हो सकते हैं। सरकार ने सबसे पहले खजाने का मुंह ही कृषि की तरफ खोला है।
Cm-Mann-Met-The-Farmers-At-Ludhiana-Pau-Said-The-Previous-Governments-Had-Made-The-University-Of-Agricultural-Sciences-A-Burden-For-Them