जालंधर। पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) के जालंधर सेंट्रल से विधायक रमन अरोड़ा को विजिलेंस ने गिरफ्तार कर लिया है। विजिलेंस टीम ने सुबह 8.45 बजे अरोड़ा के अशोक नगर स्थित घर पर रेड की। जिस वक्त विजिलेंस टीम पहुंची, विधायक अरोड़ा कहीं जा रहे थे। विजिलेंस ने घर के नजदीक मंदिर के मोड़ से उन्हें हिरासत में लिया था। इसके बाद टीम उन्हें घर में ले गई। जिसके बाद अंदर छानबीन की गई। पुख्ता सबूत हाथ लगने के बाद विधायक को गिरफ्तार कर लिया गया। विजिलेंस की रेड अभी जारी है। जानकारी के अनुसार विधायक के समधी राजू मदान के घर भी विजिलेंस की एक टीम पहुंची है। विधायक का केस कुछ दिन पहले गिरफ्तार किए ATP से जुड़ा हुआ है। सरकारी प्रवक्ता के मुताबिक विधायक पर आरोप है कि जालंधर नगर निगम के जरिए उन्होंने लोगों को नोटिस भिजवाए। फिर रुपए लेकर नोटिसों को रफा-दफा करा दिया। इस मामले में FIR भी दर्ज की जा चुकी है। अरोड़ा पर एक्शन की तैयारी पहले ही शुरू हो चुकी थी। कुछ दिन पहले ही अरोड़ा की सिक्योरिटी वापस ले ली गई थी। AAP नेता एवं सीवरेज बोर्ड के चेयरमैन सन्नी आहलूवालिया ने कहा कि हमें जानकारी मिली है कि रमन अरोड़ा को अरेस्ट कर लिया गया है। हालांकि रमन अरोड़ा के वकील ने कहा कि विधायक के घर पर रेड पड़ी है उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया है। हैरानी की बात है कि 4 दिन पहले विधानसभा की नई कमेटियां गठित की गई थीं। इसमें रमन अरोड़ा को भी पब्लिक अंडरटेकिंग कमेटी का सदस्य बनाया गया था।
अरोड़ा के वकील ने कहीं 2 अहम बातें..
हमें अंदर नहीं जाने दे रहे: रमन अरोड़ा के वकील ने कहा कि हमें सूचना मिली थी कि विधायक के घर पर रेड पड़ी है। इसके बाद हम मौके पर पहुंचे। यहां पर पुलिस वाले खड़े हैं। हमने परमिशन मांगी कि हमें अंदर जाने दो। लेकिन हमें अंदर नहीं जाने दिया जा रहा।
सरकार के बारे में कुछ नहीं कह सकते: वकील ने आगे कहा रमन अरोड़ा अंदर ही बैठे हैं। किस वजह से रेड पड़ी है। कुछ नहीं बता रहे हैं। इसी दौरान पत्रकारों ने कहा कि सीएम ने रेड के बारे में अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट किया है। तो इस पर वकील ने कहा कि सरकार और मैटर है। मैं सरकार के बारे में कुछ नहीं कह सकता। हम देखने आए हैं कि हमारे MLA को अंदर बिठाकर पूछताछ क्यों हो रही है।
Aap-Mla-Arrested-In-Corruption-Case-In-Punjab-Vigilance-Raid-Continues-At-His-House-Since-Morning-Fir-Lodged-On-Charges-Of-Extortion-After-Sending-Notice