चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा की कैबिनेट मीटिंग आज 14 जुलाई को कैबिनेट मीटिंग हुई। इस बैठक में बेअदबी के मामलों को लेकर एक सख्त कानून बनाने के लिए तैयार किए गए बिल को मंजूरी दी गई है। इस कानून से धार्मिक ग्रंथों और स्थलों की बेअदबी करने वालों को उम्रकैद की सजा मिलेगी। आज ही इस बिल को विधानसभा में पेश किया जाएगा और फिर इसे लागू करने से पहले विभिन्न संस्थाओं और आम लोगों से राय भी ली जाएगी। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने साफ कहा है कि सरकार ऐसा कानून लाना चाहती है जो स्थायी हो और आने वाले समय में भी मजबूती से लागू रहे। इसलिए इसमें किसी तरह की कमजोरी नहीं छोड़ी जाएगी। फिलहाल बेअदबी जैसे मामलों के लिए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 298 और 299 के तहत अधिकतम 3 साल की सजा का प्रावधान है। लेकिन पंजाब सरकार इस सजा को कम से कम 10 साल और उम्रकैद तक बढ़ाने का प्रस्ताव रख रही है। साथ ही सरकार चाहती है कि कानून में ऐसे प्रावधान जोड़े जाएं जिससे सिर्फ दोषी ही नहीं, उसके परिवार की भी जिम्मेदारी तय की जा सके। मकसद यह है कि कोई दोबारा इस तरह की हरकत के बारे में सोच भी न पाए। कैबिनेट की इस बैठक में कानून को लेकर रणनीति तैयार की जाएगी। अगर इसे मंजूरी मिलती है तो यह पंजाब में बेअदबी के मामलों को रोकने के लिए अब तक का सबसे सख्त कदम माना जाएगा।
खादों व बीजों लेकर भी आएगा बिल
इसके साथ ही मीटिंग में खेती व किसान भलाई विभाग के अहम एजेंडे को मंजूरी के लिए रखा जाएगा। सरकार हरियाणा की तर्ज नकली खाद और दवाइयों की बिक्री रोकने के लिए एक बिल लाना चाहती है। ताकि तय नियमों के मुताबिक काम करने वालों पर एक्शन किया जा सकें। हरियाणा सरकार ने मार्च में कानून पास किया था। वहां पर ऐसा काम करने वालों को तीन से 5 साल तक की सजा है।
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