चंडीगढ़। पंजाब के पूर्व मंत्री व शिरोमणि अकाली दल के सीनियर नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की जमानत याचिका पर आज मोहाली कोर्ट में करीब दो घंटे तक सुनवाई हुई। दोनों तरफ के वकीलों की लंबी बहस चली। लेकिन आज भी इस मामले कोई फैसला नहीं हो पाया है। कोर्ट ने मामले की कल फिर से सुनवाई करने का फैसला लिया है। मजीठिया को विजिलेंस ब्यूरो ने आय से अधिक संपत्ति मामले में 25 जून को अमृतसर स्थित घर से गिरफ्तार किया था। फिलहाल वे न्यू नाभा जेल में बंद हैं। बिक्रम सिंह मजीठिया की जमानत याचिका पर कई दिनों से सुनवाई चल रही है। आज 7वीं बार सुनवाई हुई है। दोनों तरफ से लंबी दलीलें पेश की गईं। विजिलेंस का कहना है कि हमारी टीमें हिमाचल व उत्तर प्रदेश तक जाकर आई हैं। कई तथ्य हमारे पास हैं। हालांकि मजीठिया के वकीलों का कहना है कि सरकारी वकील हर बार सुनवाई को आगे बढ़ाने की कोशिश करते हैं। सरकार के केस में दम नहीं है।
छह लोगों ने दर्ज करवाई स्टेटमेंट
मजीठिया को विजिलेंस ब्यूरो ने 25 जून को अमृतसर से गिरफ्तार किया था। इससे पहले 2021 में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में मजीठिया पर एनडीपीएस एक्ट के तहत भी केस दर्ज हुआ था। जिसमें अब तक पूर्व डीजीपी सिद्धार्थ चटोपाध्याय और ईडी के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर समेत 6 लोगों के बयान दर्ज हो चुके हैं। उनके खिलाफ बयान दर्ज करवाने वालों में उनका पूर्व पीए भी शामिल है। वह अब आम आदमी पार्टी में शामिल हो गया है। सरकार का कहना है कि उसके पास पुख्ता सबूत हैं, जबकि मजीठिया के वकील इसे राजनीति से प्रेरित और बेबुनियाद मामला बता रहे हैं।
Decision-Could-Not-Be-Taken-On-Bail-Of-Former-Minister-Majithia-Hearing-Lasted-For-2-Hours-In-Mohali-Court-Vigilance-Said-Investigation-Till-Up