पंजाब। पंजाब में FSL के पूर्व डायरेक्टर अश्वनी कालिया के खिलाफ मोहाली में केस दर्ज हुआ है। उन पर एक महिला अधिकारी को जाति सूचक शब्द कहने का आरोप है। उन्होंने महिला अधिकारी से पूर्व सेहत मंत्री व विधायक विजय सिंगला के केस जुड़े दस्तावेज मांगे थे। जिसको लेकर यह बहसबाजी हुई थी। हालांकि अधिकारी इस बारे में बोलने से बच रहे है। आरोपी पर थाना फेज-एक में दर्ज गया है। शिकायत में महिला अधिकारी ने कहा कि वह पिछले चार सालों से तैनात है। आरोपी अधिकारी ने पहले एफएसएल के ऑडियो विभाग को दो भागों में बांट दिया। एक यूनिट डायरेक्टर ने अपने अधीन रखी थी, जबकि दूसरी यूनिट वह खुद संभाल रही थी। मोहाली के थाना फेज-आठ में 24 मई 2022 को दर्ज केस की ऑडियो (यह केस मंत्री विजय सिंगला से जुड़ा है)पुलिस ने जमा करवाई थी। उसका नतीजा तैयार करके उसने अपने पास रखा हुआ था। इस बारे में उसने 1 जनवरी 2025 को एडमिन सेक्रेटरी होम को पत्र भी लिखा था। उसका पार्सल दिसंबर 2024 से दूसरे आरोपी के पास था, जिसकी सील हटाने के लिए उसके स्टाफ से कई बार कहा गया।
मोहर न देने पर जातिसूचक शब्द कहें
एफआईआर का आरोप है कि 3 जनवरी 2025 को वह अपने स्टाफ के साथ काम कर रही थी, तभी आरोपी अधिकारी उसकी शाखा में आया और ज़ोर से बोलने लगा। साथ ही वह उसके विभाग की मोहरें मांगने लगा। जब शिकायतकर्ता ने बैठकर पूछा कि आप मोहर का क्या करेंगे, तो इस पर वह आग-बबूला हो गया। उसने पूरे स्टाफ के सामने जातिसूचक शब्द कहे और नौकरी से हटाने की धमकी भी दी। आरोपी जनरल कैटेगरी से है, जबकि शिकायतकर्ता एससी वर्ग से संबंध रखती है। शिकायतकर्ता का कहना है कि आरोपी केस में दर्ज साक्ष्यों से छेड़छाड़ कर सकता है। उसने बताया कि जब वह सैंपल सील संभाल रही थी, तब अधिकारी ने उससे अधिकारिक मोहर मांगी। जब उसने मना कर दिया, तो आरोपी ने जातिसूचक शब्द कहे।
Case-Filed-Against-Former-Fsl-Director-In-Punjab-Woman-Officer-Accuses-Him-Of-Using-Casteist-Remarks-Police-Start-Investigation