लुधियाना। लुधियाना के ससराली गांव में धुस्सी बांध की मिट्टी खिसकने से सतलुज दरिया का पानी खेतों में मार कर रहा है। इसके बाद सेना बुलाई गई। अब तक बांध को बचाने का काम सेना व प्रशासन मिलकर कर रहे हैं। अमृतसर के रमदास में रावी नदी के कारण टूटे 8 धुस्सी बांधों को भरने के प्रयास शुरू हो चुके हैं, जबकि 5 बांधों तक पहुंचने का प्रयास जारी है, लेकिन अभी इसमें सफलता नहीं मिली है। पठानकोट से तरनतारन तक रावी के जलस्तर में कमी आई है। शुक्रवार रात 9 बजे भाखड़ा बांध का जलस्तर 1678.40 फीट दर्ज किया गया, जो अब खतरे के निशान से लगभग डेढ़ फीट नीचे है। भाखड़ा में पानी कम आने के कारण यह कमी देखने को मिली है। मौजूदा स्थिति को देखते हुए भाखड़ा से लगभग 70 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जिसमें से लगभग 50 हजार क्यूसेक पानी ही सतलुज में छोड़ा जा रहा है। भाखड़ा से छोड़े गए पानी का असर रूपनगर से लेकर लुधियाना व उससे आगे हरिके हेडवर्क्स तक देखने को मिल रहा है।
अमृतसर में 5 जगहों पर नहीं पहुंच पा रही मशीनरी
अमृतसर में जल संसाधन विभाग के एक्सईएन गुरबीर सिंह ने बताया कि नदी का जलस्तर घटने और पहाड़ों से पानी कम आने के कारण खेतों का पानी अब वापस नदी में लौट रहा है। ऐसे में मरम्मत तेजी से आगे बढ़ रही है। घोनेवाल, माछीवाल और कोट रजादा में धंसानों को भरने का काम शुरू हो गया है। हालांकि, 5 अन्य स्थानों पर अभी मशीनरी और ट्रैक्टर-ट्रक नहीं पहुंच पा रहे हैं। वहां पहुंच बनाने के लिए रास्ता तैयार किया जा रहा है। जैसे ही रास्ता तैयार होगा, वहां भी काम शुरू कर दिया जाएगा। रोपड़ में भी बचाव कार्य तेजी से चल रहे हैं। मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने जानकारी दी कि बीती शाम रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान एनडीआरएफ की एक बोट की हवा लीक हो गई। इसका कारण पानी कम होना बताया जा रहा है, जिसके बाद एनडीआरएफ की अन्य नौकाओं को भेजकर स्थिति संभाली गई।
Sutlej-Dam-Broke-Late-At-Night-In-Ludhiana-Army-Had-To-Be-Called-Administration-Is-Unable-To-Reach-5-Dams-Of-Amritsar-Water-Level-Of-Bhakra-Fell