लुधियाना | लुधियाना से दो बार सांसद रह चुके रवनीत बिट्टू लोकसभा चुनाव 2024 से पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। रवनीत सिंह बिट्टू पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत बेअंत सिंह के पोते और पूर्व मंत्री तेज प्रकाश सिंह के बेटे हैं। भाजपा में शामिल होने के बाद पार्टी ने उन्हें लुधियाना से टिकट दिया, लेकिन उन्हें कांग्रेस उम्मीदवार अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग से हार का सामना करना पड़ा।
पंजाब से किसी और को न चुनकर भाजपा ने मोदी 3.0 में रवनीत सिंह बिट्टू को केंद्रीय राज्य मंत्री बनाया है। जिसके बाद उनका राज्यसभा में जाकर सांसद के तौर पर शपथ लेना बेहद जरूरी है। पंजाब को छोड़कर 9 राज्यों की 12 सीटों के लिए राज्यसभा चुनाव हो रहे हैं। पंजाब की बात करें तो यहां की 7 में से कोई भी सीट 2028 से पहले खाली नहीं होगी। ऐसे में रवनीत सिंह बिट्टू को राजस्थान सीट के लिए प्रबल दावेदार माना जा रहा है।
जबकि राजस्थान से पूर्व भाजपा अध्यक्ष सतीश पूनिया और अरुण चतुर्वेदी, पूर्व विपक्ष नेता राजेंद्र राठौर, भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव अलका गुर्जर और पूर्व सांसद सीआर चौधरी का नाम भी शामिल है।
हरियाणा में विरोध के बाद राजस्थान का रुख
राजस्थान के साथ ही हरियाणा के रोहतक से दीपेंद्र हुड्डा के लोकसभा सांसद चुने जाने के बाद वहां भी सीट खाली हो गई है और इस सीट पर भी चुनाव हो रहे हैं। यहां से रामबिलास शर्मा, कैप्टन अभिमन्यु, ओपी धनखड़, संजय भाटिया, मनीष ग्रोवर, कुलदीप बिश्नोई और सुनीता दुग्गल समेत कई वरिष्ठ नेता भी दावेदार हैं। हाल ही में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुईं किरण चौधरी भी इस दौड़ में हैं। इस सीट के लिए पहले रवनीत बिट्टू का नाम सामने आया था। लेकिन विरोध बढ़ता देख भाजपा अब रवनीत बिट्टू को राजस्थान से राज्यसभा भेजना चाहती है।
Preparation-To-Send-Ravneet-Bittu-To-Rajya-Sabha-From-Rajasthan-Earlier-There-Was-Speculation-From-Haryana-Last-Date-For-Nomination-Is-21st-August