चंडीगढ़। पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने गाड़ियों पर ग्रीन टैक्स लगा दिया है। लोगों को गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन को रिन्युअल करवाने के वक्त यह टैक्स चुकाना होगा। इससे गाड़ियों की रिन्युअल भी अब महंगी पड़ेगी। इसके अलावा कॉमर्शियल गाड़ियों को 8 साल तक ग्रीन टैक्स नहीं देना है। इसके बाद हर साल ढाई सौ से ढाई हजार तक ग्रीन टैक्स चुकाना पड़ेगा। पंजाब ट्रांसपोर्ट विभाग ने इसका नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। सरकार ने 4 तरह के वाहनों LPG, CNG, बैटरी या सोलर पावर से चलने वाले गाड़ियों को इस कैटेगरी से बाहर रखा गया है। निजी वाहन के मामले में डीजल वाली गाड़ियों को ज्यादा टैक्स देना होगा। पंजाब सरकार के नोटिफिकेशन के मुताबिक दोपहिया और कारों के पेट्रोल के मुकाबले डीजल गाड़ियों का ग्रीन टैक्स ज्यादा रखा गया है। वाहनों पर ग्रीन टैक्स लगाने को मंजूरी दी गई थी। इससे 87.03 करोड़ की आमदनी होगी। यह पैसा पर्यावरण बचाने और अन्य कार्यों के लिए खर्च किया जाएगा। क्योंकि, पंजाब में हरियाली बढ़ाने पर सरकार का फोकस है। दूसरी तरफ सरकार ने CNG, बिजली के वाहनों को इस कैटेगरी से बाहर रखा गया है।
क्या है ग्रीन टैक्स?
ग्रीन टैक्स, जिसे प्रदूषण कर और पर्यावरण कर भी कहा जाता है, वास्तव में एक उत्पाद शुल्क है, जिसे सरकार उन वस्तुओं पर टैक्स लगाकर एकत्रित करती है, जिससे प्रदूषण फैलता है। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को अधिक प्रदूषण फैलाने वाले साधनों का उपयोग न करने के लिए प्रोत्साहित करना है। इससे राज्य में प्रदूषण की मात्रा कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। साथ ही इस टैक्स के पैसे से पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण को कम करने वाले कार्य किए जा सकते हैं।
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