अमृतसर। श्री अकाल तख्त साहिब पर 5 सिख साहिबों की बैठक के बाद तनखैया घोषित सुखबीर सिंह बादल आज अमृतसर पहुंच गए हैं। पूर्व अकाली मंत्री दलजीत सिंह चीमा, गुलज़ार सिंह रणिके और शरणजीत सिंह ढिल्लों भी साथ हैं। अनुमान है कि श्री अकाल तख्त साहिब की तरफ से आदेश दिए जाने के बाद वे अपना स्पष्टीकरण व माफीनामा लेकर पहुंचे हैं। सुखबीर सिंह बादल श्री अकाल तख्त साहिब पहुंचे। कल, जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह ने उन्हें श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष अपना जवाब देने के लिए कहा था, क्योंकि उन्हें तनखैया (धार्मिक कदाचार का दोषी) घोषित किया गया था। सुखबीर बादल श्री अकाल तख्त साहिब में जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह के कार्यालय पहुंचे। लेकिन उनकी अनुपस्थिति में स्टाफ को अपना स्पष्टीकरण सौंपा। इसके बाद वे श्री अकाल तख्त साहिब पर माथा टेकने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत करने से साफ मना कर दिया और वापस लौट गए।
डॉ. दलजीत ने कहा- सुखबीर बादल के स्पष्टीकरण से वे सहमत
पूर्व मंत्री दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि उन्होंने और सभी ने अपना लिखित स्पष्टीकरण आज श्री अकाल तख्त साहिब पर सौंपा है। जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह मौजूद नहीं थे, इसलिए स्पष्टीकरण स्टाफ को सौंपा गया है। अपना स्पष्टीकरण का मेन हिस्सा सांझा करते हुए उन्होंने कहा कि- दास, श्री अकाल तख्त साहिब के हुक्म अनुसार आज पेश हो रहे हैं। 2007 से 2014 तक मुख्यमंत्री का सलाहकार व उसके बाद शिक्षा मंत्री रहे हैं। 24 जुलाई को पत्र नंबर 236 जो सुखबीर बादल खुद लेकर श्री अकाल तख्त साहिब पर पहुंचे थे, वही उनका स्पष्टीकरण भी है। वे उनसे सहमत हैं। फैसले सभी की सहमति से लिए जाते हैं। बिना किसी सवाल जवाब के अपनी गलती मानता हूं। विश्वास दिलाता हूं कि वे गुरुमत के अनुसार हर हुक्म होगा, उसे माना जाएगा।
भूंदड़ के प्रधान बनने पर किसी को ऐतराज नहीं
डॉ. चीमा ने कहा कि प्रधान के इस्तीफे की प्रक्रिया काफी लंबी होती है। इसलिए सर्वसम्मति के साथ बलविंदर सिंह भूंदड़ को प्रधान नियुक्त किया गया है। उनके प्रधान नियुक्त किए जाने पर किसी को ऐतराज नहीं है, वे सीनियर पार्टी लीडर हैं और अन्य किसी को उनके प्रधान बनाए जाने पर ऐतराज होना नहीं चाहिए।
Sukhbir-Badal-Apologizes-On-Sri-Akal-Takht-Sahib-Former-Akali-Minister-Cheema-Also-With-Him-Jathedar-Had-Announced-Salary-Yesterday